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Kaithal News: अब नौ दिन होंगे तपाने वाले, दो जून तक चलेगी गर्म हवाएं

Mon, 25 May 2026 03:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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करनाल रोड पर भीषण लू से बचने के लिए मुंह ढंककर जाते राहगीर। संवाद
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कैथल। सोमवार से नौतपा की शुरूआत हो रही है। दो जून तक अब गर्म हवाएं चलने के साथ गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब आगामी दिनों में तापमान 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में ही रहने को मजबूर कर दिया।
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नौतपा इस साल 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगी। वैसे नौतपा के एक दिन पहले ही सुबह से ही तेज धूप का असर दिखा और दोपहर होते-होते सड़कें लगभग सूनी नजर आईं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय शहर के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। बस स्टैंड, मुख्य बाजार और चौक-चौराहों पर आम दिनों की तुलना में कम भीड़ नजर आई। तेज धूप के कारण दोपहिया वाहन चालक सिर और चेहरा ढककर सफर करते दिखाई दिए। कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थ, शिकंजी, गन्ने का रस और आइसक्रीम का सहारा लेते नजर आए।

डॉ जितेंद्र गिल का कहना है कि लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचना चाहिए। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में गर्मी लोगों की परीक्षा लेने वाली है।
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वर्जन-
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें अधिक प्रभावी होती हैं, जिसके कारण तापमान तेजी से बढ़ता है। इस बार भी दो जून तक गर्म हवाएं चलने और गर्मी के तीखे तेवर बने रहने की संभावना है। गर्म हवाएं बेल वाली सब्जियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। खासकर लौकी, तोरई, करेला, खीरा और कद्दू जैसी फसलों पर अधिक तापमान का सीधा असर पड़ता है। किसान सुबह-शाम सिंचाई करें। खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें।
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