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Kaithal News: अब नौवीं कक्षा में हिंदी के साथ संस्कृत भी पढ़ सकेंगे विद्यार्थी

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसी सत्र से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाए जाएंगे पांच के बजाय अब छह विषय
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संवाद न्यूज एजेंसी

कैथल। जिले के स्कूलों में अब कक्षा नौवीं के विद्यार्थी हिंदी के साथ संस्कृत विषय भी पढ़ सकेंगे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसी सत्र से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पांच के बजाय अब छह विषय पढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले पांच विषयों को पढ़ाया जाता था। अब छठे विषय के रूप में उन्हें अंग्रेजी, हिंदी के बाद अब संस्कृत, पंजाबी में से किसी एक विषय को चुनना होगा । खास बात यह है कि उन्हें हिंदी व संस्कृत विषय में से एक में पास होना अनिवार्य है। यदि कोई विद्यार्थी हिंदी में फेल हो गया और संस्कृत में पास है तो वह पास माना जाएगा।
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जानकारी के अनुसार संस्कृत भाषा के वैदिक रूप में सभी वेदों की संहिताएं, ब्राह्मण, आरण्यक व उपनिषद् ग्रंथ लिखे गए हैं। स्कूली विद्यार्थी भी अब संस्कृत पढ़कर इन ग्रंथों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे उनका कौशल भी विकसित होगा और वे कई अन्य ग्रंथों व पुराणों को भी पढ़ सकेंगे। विद्यार्थी अंग्रेजी व हिंदी के बाद अब संस्कृत व पंजाबी में किसी एक विषय को चुन सकते हैं। वहीं अगले साल से दसवीं, ग्यारहवीं और उसके बाद बारहवीं में नौवीं की तरह छह विषय अनिवार्य कर दिए जाएंगे। हिंदी में फेल होने पर संस्कृत विषय के अंकों के आधार पर विद्यार्थी पास हो सकेगा। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में संस्कृत को बढ़ावा देने की मांग कई वर्षों से उठ रही है। इस बारे में कई सम्मेलन हो चुके है। जिले में एक संस्कृत विश्वविद्यालय अभी चल रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि इसी सत्र से हरियाणा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में पांच विषयों के बजाय विद्यार्थियों को छह विषय पढ़ाए जाएंगे। यदि कोई विद्यार्थी हिंदी विषय में असफल रहता है और वह संस्कृत विषय में पास हो जाता है तो वह पास माना जाएगा।
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