कैथल। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। जिले के सभी 370 प्राथमिक विद्यालयों में अब स्मार्ट क्लास की तर्ज पर एलईडी टीवी लगाए जाएंगे। इन स्क्रीनों के माध्यम से बच्चों को न केवल रोचक तरीके से पढ़ाया जाएगा, बल्कि संपर्क दीदी नामक एनिमेटेड प्रोग्राम के जरिए गणित और हिंदी जैसे कठिन समझे जाने वाले विषयों को भी सरल बनाया जाएगा। जिले के कई स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पदों की समस्या बनी हुई है। इस डिजिटल पहल से इस कमी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, स्कूलों में एलईडी लगने के बाद रोटेशन के आधार पर लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। इससे एक ही समय में बेहतरीन शैक्षणिक सामग्री सभी बच्चों तक पहुंच सकेगी। यदि किसी स्कूल में संबंधित विषय का शिक्षक उपलब्ध नहीं है, तो वहां एलईडी के माध्यम से ऑडियो-विजुअल फॉर्मेट में पाठ पढ़ाया जाएगा।
डिजिटल कहानियों का सहारा लिया जाएगा
इस डिजिटल मुहिम का सबसे खास हिस्सा है संपर्क स्मार्टशाला कार्यक्रम। इसमें संपर्क दीदी नामक एक वर्चुअल पात्र बच्चों को कहानियों, गानों और खिलौनों के माध्यम से पढ़ाती नजर आएंगी। कठिन फॉर्मूले और गणनाएं अब रटने के बजाय ग्राफ़िक्स और गतिविधियों के जरिए समझाई जाएंगी। भाषा के व्याकरण और उच्चारण को सही करने के लिए डिजिटल कहानियों का सहारा लिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दृश्य-श्रव्य (ऑडियो-विजुअल) माध्यम से बच्चे 40 प्रतिशत तेजी से सीखते हैं और उन्हें पाठ लंबे समय तक याद रहता है।
रोटेशन में लगेंगे कक्षा के लेक्चर
स्कूलों में बिजली और तकनीकी सेटअप की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। विभाग का कहना है कि एलईडी पैनल लगने के बाद एक निश्चित टाइम-टेबल तैयार किया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग कक्षाओं के लिए रोटेशन में लेक्चर चलेंगे। इससे शिक्षकों का कार्यभार भी कम होगा और वे बच्चों की व्यक्तिगत काउंसलिंग पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि जिले के सभी 370 प्राथमिक स्कूलों को इस योजना से कवर किया जा रहा है। एलईडी इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है। इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। ताकि नए सत्र से बच्चे डिजिटल दुनिया के जरिए ज्ञान प्राप्त कर सकें।