कैथल। जिले में होली पर्व नजदीक आते ही निजी वाहनों की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। खासकर बिहार के विभिन्न जिलों से काम करने आए प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में अपने घर लौट रहे हैं, जिससे टैक्सी, बस और अन्य निजी गाड़ियों की बुकिंग तेज हो गई है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार होली पर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बुकिंग देखने को मिल रही है। कैथल जिले में करीब पांच हजार प्रवासी मजदूर राइस मिलों और अन्य औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हैं।
होली के अवसर पर इनमें से अधिकांश अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए बिहार रवाना हो रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार 10 से 15 दिन पहले ही अधिकांश गाड़ियां बुक हो चुकी हैं। यात्री इस बार साझा वाहनों की अपेक्षा निजी गाड़ियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। परिवार के साथ सुरक्षित और आरामदायक यात्रा को प्राथमिकता देते हुए लोग एडवांस बुकिंग करा रहे हैं। छोटे वाहन चालकों से लेकर बड़े ट्रेवल ऑपरेटर तक सभी को अच्छा मुनाफा हो रहा है। कई वाहन मालिकों ने अतिरिक्त ड्राइवर भी लगाए हैं ताकि अधिक ट्रिप किए जा सकें। बढ़ती आवाजाही के साथ यातायात जाम और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ी है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और अधिकृत वाहनों से ही यात्रा करने की अपील की है, साथ ही वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
निजी वाहन मालिक वीरेंद्र ने बताया कि त्योहारों का समय उनके लिए कमाई का सबसे अच्छा अवसर होता है। होली के मौके पर रोजाना की आमदनी सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है। कई ड्राइवर दिन-रात ट्रिप कर रहे हैं, जिससे परिवहन क्षेत्र में रौनक लौट आई है।
ट्रैवल एजेंट प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बार एक सप्ताह पहले से ही गाड़ियों की बुकिंग शुरू हो गई थी। पिछले सप्ताह भी बड़ी संख्या में एडवांस बुकिंग हुई थी और अब भी लगातार पूछताछ चल रही है। पिछले दिनों उसकी एक बुकिंग बिहार के लिए आई थी।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह : सतपाल
यातायात थाना प्रभारी सतपाल ने बताया कि यात्रा से पहले वाहन की स्थिति और चालक की जानकारी अवश्य जांच लें। अग्रिम बुकिंग कराने से अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है। कुल मिलाकर होली पर्व ने निजी वाहन व्यवसाय में नई ऊर्जा भर दी है और घर वापसी की परंपरा ने ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को मजबूत सहारा दिया है।
वीरेंद्र