Now one hour will be left in the border empty-Delhi movement.
- फोटो : Kaithal
कैथल। सिंघु बॉर्डर से किसानों की घर वापसी और सिंघु बॉर्डर खाली होने के बाद कैथल से दिल्ली आने-जाने में अब एक घंटे के समय की बचत होगी। अब बसों को उत्तर प्रदेश के जिलों से होकर दिल्ली ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
पिछले एक साल से किसान आंदोलन के कारण बस सीधे दिल्ली जाने के बजाय यूपी के शहरों से घूमकर जा रही थी। गाजियाबाद व आसपास के जिलों से होकर बसें दिल्ली रही थीं। जिस कारण पहले 4 घंटे का जो समय लगता था, उस सफर में अब 5 घंटे लग रहे थे। अब किसानों का आंदोलन समाप्त हो गया है। सभी किसान अपने घरों को लौट गए हैं। अब दिल्ली का रूट पूरी तरह से खुल गया है। अब बस कैथल से सीधे आईएसबीटी जाएगी। यह व्यवस्था एक सप्ताह में शुरू हो जाएगी।
कैथल से दिल्ली जाने के लिए किराया तो 205 रुपये ही लगता था, लेकिन दिल्ली रूट पर किसानों के तंबू लगे होने के कारण बस को दिल्ली जाने में एक घंटा ज्यादा समय लगता था। एसआई हरिचंद ने बताया कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों के बैठे रहने के कारण दिल्ली जाने वाली बसों को सोनीपत के बाद केएमपी बॉर्डर से होकर दिल्ली जाना पड़ता था। यह यूपी के गाजियाबाद क्षेत्र से होते हुए आईएसबीटी तक जाती थी। इस क्षेत्र की सड़कें भी बदहाल हैं और कई बार जाम के कारण भी परेशानी होती थी। सिंघु बॉर्डर खाली होने के बाद कैथल से बस सीधी दिल्ली जाएगी। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा।