संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश सरकार ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीन जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन में पिछले 13 वर्षों से कार्यरत दो राज्य स्तरीय सलाहकार, 21 जिला सलाहकार और 118 ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर सहित कुल 141 अनुबंध आधारित कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया है। अगली सुनवाई 16 सितंबर 2025 और 16 अक्तूबर 2025 को निर्धारित है।
यह नोटिस 6 अगस्त 2025 को जारी हुआ, ठीक उसी दिन जब वित्त विभाग ने कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए 8 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया। दरअसल, चार महीनों से वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने 2017 और 2021 में दायर रिट याचिकाओं के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख किया था।
यह याचिका कैथल में कार्यरत जिला सलाहकार दीपक कुमार और झज्जर के जिला सलाहकार श्याम अहलावत ने दायर की थी।
वर्ष 2021 में दीपक कुमार और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विनोद एस. भारद्वाज ने 24 जुलाई 2025 को स्पष्ट आदेश दिए कि यदि 15 अगस्त 2025 तक याचिकाकर्ताओं का लंबित वेतन भुगतान नहीं किया गया तो विभाग के प्रमुख अभियंता और जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के निदेशक का वेतन कोर्ट की अनुमति के बिना रोका जाएगा।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 30 अगस्त 2025 तक बकाया और भविष्य का वेतन समय पर भुगतान किया जाए, अन्यथा अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख अभियंता का वेतन भी रोका जाएगा।
कोर्ट के अनुसार, कर्मचारी राज्य सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण और अनुशासन के तहत कार्यरत हैं, इसलिए वेतन समय पर भुगतान करना राज्य की जिम्मेदारी है, चाहे भारत सरकार से अनुदान मिला हो या नहीं।
दीपक कुमार ने बताया कि 11 दिसंबर 2014 को हुई 5वीं कार्यकारिणी समिति की बैठक में ड्राफ्ट सेवा नियम तैयार करने का निर्णय लिया गया था। 28 मार्च 2024 को 11वीं बैठक में एनएचएम हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाने का सुझाव दिया गया और 30 जून 2024 तक प्रस्ताव मांगे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि 3 जून 2025 को हुई 12वीं बैठक में ड्राफ्ट को 31 अक्टूबर 2025 तक एपीक्स समिति को भेजने का निर्णय लिया गया। छह अगस्त 2025 को वित्त विभाग ने “सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां” योजना के तहत 8 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया, जिससे जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मार्ग प्रशस्त हुआ लेकिन उसी दिन रात को संगठन के निदेशक राजीव बातिश ने सभी 141 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं एक माह बाद समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया।
उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर कोर्ट के आदेश और बजट स्वीकृति से कर्मचारियों को बकाया वेतन
मिलने की उम्मीद बनी थी, वहीं दूसरी ओर उसी दिन सेवा समाप्ति का नोटिस जारी होने से स्थिति और विवादास्पद हो गई है। अगली सुनवाई 16 सितंबर 2025 और 16 अक्तूबर 2025 को निर्धारित है।
नोटिस में कहा गया है...
n
जल जीवन मिशन का लक्ष्य पूरा हो चुका है और भारत सरकार ने 31 मार्च 2025 के बाद मिशन की अवधि नहीं बढ़ाई है, इसलिए अनुबंध आधारित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।