संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। नगर पालिका उपाध्यक्ष पूजा रानी और उनके पति राजीव शर्मा पर दर्ज मामले में बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने चीका थाना प्रभारी बलबीर सिंह से मुलाकात की। उसने घटना से संबंधित वीडियो फुटेज प्रस्तुत करते हुए राजीव शर्मा का पक्ष रखा और मामले को झूठा बताया। वीडियो में झगड़े के दौरान कोई हथियार नहीं दिख रहा है।
राजीव शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नेता राजेश पिंटू, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार और कपिल कुमार शामिल थे। इन्होंने बताया कि विजय गोयल और मनोज कुमार के बीच हुए झगड़े से पूजा रानी व राजीव शर्मा का कोई लेना-देना नहीं है।
राजीव शर्मा ने थाना प्रभारी को जो फुटेज दिखाई, उसमें झगड़े के दौरान किसी के हाथ में कोई तेजधार हथियार नजर नहीं आया। फुटेज के अनुसार, यह झगड़ा कुछ सेकेंड का था जिसमें दोनों पक्षों के बीच केवल हाथापाई हुई। वीडियो में विजय गोयल खुद मनोज कुमार का हाथ पकड़कर उसे अलग ले जाते और बात करते हुए नजर आ रहे हैं।
राजीव शर्मा का आरोप है कि झगड़े के बाद विजय गोयल के शरीर पर किसी प्रकार की खून बहने की स्थिति नहीं दिखती, और उन्होंने स्वयं को चोट पहुंचाकर अस्पताल में दाखिल होने का नाटक किया है। राजेश पिंटू ने मांग की कि पूजा रानी और राजीव शर्मा पर दर्ज झूठे मुकदमे को रद्द किया जाए और मनोज कुमार की शिकायत पर विजय गोयल के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए।
पुलिस के समक्ष कई सवाल
घटना के बाद पूजा रानी और राजीव शर्मा पर हमले की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस के लिए सबसे अहम चुनौती अब उनकी संलिप्तता को प्रमाणित करना है। सूत्रों के अनुसार, घटना के समय पूजा रानी और राजीव शर्मा दोनों शहर से बाहर थे। वहीं, पुलिस को प्राप्त वीडियो में विजय गोयल हमले के बाद सामान्य हालत में मनोज कुमार से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे में पुलिस के लिए यह भी जांच का विषय है कि यदि विजय गोयल को गंभीर या शार्प चोटें आईं, तो वे कैसे और कब लगीं। पुलिस को हर पहलू से निष्पक्ष जांच करनी होगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विजय गोयल की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। अब दूसरे पक्ष की ओर से वीडियो फुटेज प्रस्तुत की गई है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। -बलबीर सिंह, थाना प्रभारी, चीका