ढांड। केंद्र सरकार द्वारा गेहूं में लस्टर लॉस व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान में किसानों को कुछ राहत देते हुए छूट देकर गेहूं खरीद करने का आदेश दिया है। इसके बाद सोलूमाजरा स्थित अडाणी एग्रो के साइलो में एफसीआई ने गेहूं की खरीद शुरू की। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। सुबह 11 बजे गेहूं की खरीद शुरू होते ही लाइनों में लगे किसानों के चेहरे खिल गए, लेकिन जैसे ही खरीद के लिए ट्रॉलियों से सैंपल लिए तो उसमें लस्टर लॉस सहित अन्य कमी के नाम पर उनसे कटौती की गई है। इसका किसानों ने विरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों के आगे उनकी एक न चली और कटौती लगवाकर किसानों को अपनी गेहूं बेचने में ही भलाई समझी।
भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने बताया कि दो दिनों से किसानों के साथ मिलकर काफी संघर्ष के बाद अदानी साइलो में खरीद शुरू करवाई है। एफसीआई अधिकारियों द्वारा जो कटौती की जा रही है, उसका वह पुरजोर विरोध करते है। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को प्रदेश भर में कटौती के विरोध मेें मंडियों के आगे सड़क जाम करेंगे। सरकार के तुगलकी फरमान के विरोध में रोष प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को बे मौसमी बरसात के कारण खराब हुई फसलों के लिए छूट देने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने किसानों की जेब पर डाका डालने का काम किया है। जिला कार्यकारी अध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल,ढांड ब्लाक प्रधान पिरथी कौल, पुंडरी ब्लाक प्रधान रणधीर बरसाना,नरेंद्र चंदलाना,ओम प्रकाश बरसाना,दलीप कौल, बंसी लाल, संजय गुर्जर सहित कई किसान मौजूद रहे। उधर, भारतीय खाद्य निगम के मैनेजर देवा राम मीणा ने कहा कि सरकार ने जो गाइड लाइन जारी की है, उसके अनुसार ही गेहूं की खरीद की जा रही है। फसल पंजीकरण पोर्टल पर मिलान न होने और गिरदावरी को लेकर परेशानी में हैं किसान फसल पंजीकरण पोर्टल पर मिलान न होने और गिरदावरी को लेकर परेशानी में हैं ।
कलायत में 72 हजार क्विंटल गेहूं खरीद
कलायत। दो दिनों में कलायत अनाज मंडी में गेहूं की भारी आवक हो चुकी है। मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया कि सोमवार को गेहूं की सरकारी खरीद की शुरूआत हो गई थी। दो दिनों में हैफेड और वेयर हाउस द्वारा कलायत व सांगण खरीद केंद्र से लगभग 72 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
बातचीत के दौरान पंजीकरण पोर्टल पर आ रही दिक्कतों पर सचिव ने बताया कि फसल पंजीकरण का सत्यापन तीन अलग-अलग विभागों ने किया है। किस विभाग से कहां गलती हुई, इसके बारे में कहा नहीं जा सकता। किसान इस गलती को ठीक करवाने के लिए अपनी फसल का सत्यापन एसडीएम की आईडी से करवाएं तो पोर्टल पर ठीक हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने 25 एकड़ से अधिक रकबे में गेहूं की फसल लगा रखी है, वे भी एसडीएम
कार्यालय में अपनी फसल का सत्यापन करवा लें ताकि गेटपास में उनको कोई दिक्कत न आए।