No relief from pollution, then AQI increased
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बीते दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर कम हो रहा था, लेकिन मंगलवार को एक्यूआई फिर से बढ़ गया। सोमवार को इंडेक्स 261 पर रह गया था, जो मंगलवार को बढ़कर 292 पर पहुंच गया। 200 से ऊपर एक्यूआई का स्तर खराब माना जाता है। सायं के समय शहर में दोपहिया वाहन चालकों को आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिले भर में स्मॉग की चादर छाई रहती है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर परिषद की तरफ से सार्वजनिक स्थानों पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है। जिन स्थानों पर धूल उडऩे का खतरा है, वहां पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने का मुख्य कारण आगजनी और धूल का उडऩा है। प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन की टीमें लगातार गांवों का दौरा कर रही हैं। वहां किसानों को धान के अवशेषों में आग न लगाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
एक्यूआई में कुछ राहत की उम्मीद की जा रही थी। दो दिनों तक कम होकर मंगलवार को यह फिर से बढ़ गया। प्रशासनिक अधिकारी खेतों में जाकर जांच जरूर कर रहे हैं। इसके बावजूद जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार नजर नहीं आ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि वृक्षों और सड़कों पर पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है। तीन दिनों से एक्यूआई 300 से नीचे ही रहा है। बोर्ड की टीमें लगातार खेतों में जाकर किसानों को जागरूक कर रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार खेतों में जांच कर रहे हैं।