30-कैथल। यूक्रेन से बस में सवार होकर रोमानिया लौटते हुए विद्यार्थी।
- फोटो : Kaithal
कैथल। यूक्रेन के शहर खारकीव में फंसे भारतीय मूल के छात्रों को वहां पर कोई मदद न मिलने के कारण उनकी चिंता बढ़ गई है। वहीं बातचीत में एक विद्यार्थी ने बताया कि पूरी रात आसमान में फाइटर जेट की आवाजें आती रही और कई बलास्ट भी हुए। यहां पर फंसे कई बच्चों को समय पर कोई सहायता न मिलने से उनका मनोबल टूटता नजर आ रहा है।
इन विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। दूतावास के अधिकारी उन्हें कह रहे हैं कि किसी भी तरह करके पोलैंड की सीमा तक पहुंचें, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह पोलैंड तक कैसे जाएं। यहां पर पोलैंड की दूरी दो हजार किलोमीटर है।
बंकर में रहना पड़ रहा
कैथल की छात्रा काजल, हांसी से छात्र कमल सहित अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें मजबूरन यहां बंकर में रहना पड़ रहा है। दूतावास के अधिकारी ठीक से जानकारी भी नहीं दे रहे हैं। वहां से किसी तरह एक संदेश मिला है कि वे किसी भी तरह से खुद का प्रबंध करके रोमानिया या पौलेंड की सीमा तक पहुंचें, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वहां तक कैसे पहुंचे, न तो यहां टैक्सी चल रही हैं न बस और न ही अन्य यातायात के साधन। कंसल्टेंट ही व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कोई न कोई जानकारी दे रहे हैं।
उधर, इवानो फ्रेंकविस्ट से छात्रों ने खुद की बस का प्रबंध करके रोमानिया की सीमा पर पहुंचने का सफर शुरू कर दिया है। यहां फंसे छात्र अंकित ने बताया कि पूरी रात आसमान में फाइटर जेट की आवाजें आती रहीं। कई जगह ब्लास्ट भी हुए हैं। पोलैंड व रोमानिया की पूरी सड़कयातायात के कारण जाम है। फिर भी किसी तरह से उनके आस-पास के विद्यार्थियों ने एक बस का प्रबंध करके सफर शुरू किया है। इसके लिए प्रति छात्र तीन हजार रुपये किराया लिया गया है। शनिवार सुबह उन्होंने रोमानिया बॉर्डर के लिए सफर शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि वे शनिवार सायं तक वहां पहुंच जाएंगे। इसके बाद जो भी अगली फ्लाइट होगी, उसमें सवार होकर भारत पहुंचेंगे।