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Kaithal News: आठ सरकारी स्कूलों में 8.30 करोड़ से बनेंगे नए भवन

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कुछ इस तरह के होंगे नए बनने वाले स्कूलों के भवन।
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कैथल। जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले के आठ सरकारी स्कूलों में नए सिरे से स्कूल भवन बनाए जाएंगे। इन भवनों के निर्माण पर करीब 8.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। छह स्कूलों में प्रत्येक पर 1.20 करोड़ रुपये जबकि हुडा सेक्टर-19 के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में 80 लाख और शिला खेड़ा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट उपलब्ध होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग का लक्ष्य अक्तूबर तक निर्माण कार्य शुरू कराने का है। नए भवनों में विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार आधुनिक कक्षाएं तैयार की जाएंगी। लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। भवनों में विद्यार्थियों और स्टाफ की सुविधा से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। नए भवन तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
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इन आठ स्कूलों में बनेंगे नए भवन
नए भवन राजकीय प्राथमिक स्कूल पट्टी अफगान कैथल, राजकीय प्राथमिक स्कूल नानकपुरी कॉलोनी कैथल, राजकीय प्राथमिक स्कूल धेरड़ू, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ पांडवा, राजकीय माध्यमिक विद्यालय मेन बाजार कलायत, राजकीय प्राथमिक स्कूल अनाज मंडी कलायत, राजकीय माध्यमिक विद्यालय हुडा सेक्टर-19 कैथल और राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिला खेड़ा में बनाए जाएंगे।

अक्तूबर से काम शुरू करने की तैयारी
शिक्षा विभाग के सिविल विंग की ओर से भवनों का एस्टीमेट और रूपरेखा तैयार की गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियम और शर्तें पूरी करने वाली एजेंसी को निर्माण कार्य आवंटित किया जाएगा। विभाग के अनुसार अक्तूबर से काम शुरू होने की उम्मीद है। करीब छह माह में नए भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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72 स्कूलों के 265 कमरे मिले थे जर्जर
जिले में करीब 72 स्कूलों के 265 कमरे जर्जर घोषित किए गए हैं। इनमें से 49 स्कूलों के 118 कमरे गिराए जा चुके हैं जबकि 22 स्कूलों के 142 कमरों को गिराने की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें हटाने के बाद साइट खाली कराई जाएगी। नए भवन वाले स्कूलों में भी जर्जर कमरों को हटाया गया है। जर्जर कमरों को गिराने के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों के पास बैठने के लिए जगह नहीं है और उन्हें नजदीकी स्कूल में शिफ्ट किया गया है। यही कारण है कि नये भवन बनने से इन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और स्थाई तौर पर स्कूल को अपना भवन मिल पाएगा।

नए भवनों से हजारों विद्यार्थियों को लाभ
जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद राणा ने बताया कि जर्जर भवनों को हटाने के साथ जहां सभी कमरे खराब हो चुके हैं, वहां नए भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जहां अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, वहां भी योजना बनाई जा रही है। नए भवन बनने से हजारों विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को सीधा लाभ मिलेगा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

कुछ इस तरह के होंगे नए बनने वाले स्कूलों के भवन।

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