संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला मुख्यालय कैथल और गुहला उपमंडल में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव कंवल कुमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माही कंचन के निर्देशानुसार लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष बेंच का गठन
किया गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी मामले, शमनीय आपराधिक मामले, मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम से जुड़े मामले तथा बिजली अधिनियम से संबंधित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जाएगा। लोक अदालत का उद्देश्य सुलह-समझौते के माध्यम से लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
लोक अदालत के लिए गठित पीठों में देवेंद्र सिंह (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय) की पीठ में परिवार न्यायालय से संबंधित समझौता योग्य मामलों की सुनवाई होगी। डॉ. अमित कुमार गर्ग (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) की पीठ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नंदिता कौशिक और मोहित अग्रवाल की अदालतों के समझौता योग्य मामलों के साथ-साथ बिजली अधिनियम से जुड़े रद्द या अनट्रेस रिपोर्ट वाले मामलों की सुनवाई की जाएगी।
इसके अलावा डॉ. अमन इंदर सिंह (सिविल जज, सीनियर डिवीजन) की पीठ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार, वीरेन कादियान और साक्षी की अदालतों से जुड़े मामलों को रखा जाएगा। संदीप कौर (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) की पीठ में अंकिता महाजन, तुषार और गुंजन ठाकुर की अदालतों के मामलों की सुनवाई होगी।
इसी प्रकार जसमीत कौर (सिविल जज, जूनियर डिवीजन) की पीठ में प्रिंस कुमार, जसमीन कौर और माधव मित्तल की अदालतों से संबंधित मामलों को लिया जाएगा। वहीं गुहला उपमंडल में गठित पीठ की अध्यक्षता अक्षय चौधरी (अतिरिक्त सिविल जज, सीनियर डिवीजन) करेंगे, जहां राजविंदर सिंह की अदालत के मामले भी सुने जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी पक्षकारों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं। लोक अदालत के माध्यम से होने वाले फैसले को अदालत की डिक्री के समान कानूनी मान्यता प्राप्त होती है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।