जिले में चल रहे नेशनल रुरल लाइवलीहुड मिशन के तहत गठित समूहों की महिलाओं ने वीरवार को हनुमान वाटिका से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। समूह के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया और कहा कि सालों से गठित समूहों को बैंकों से लोन नहीं दिलवाया जा रहा है। जो चेते ग्रुप हैं, उन्हीं महिलाओं को लाभ दिलवाया जा रहा है। इस दौरान एक स्टाफ सदस्या द्वारा वीडियो बनाने पर महिला ने खूब खरी-खरी सुनाई और वीडियो बनाने से रोका।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने एडीसी को दी शिकायत मेें कहा कि उनके समूहों पर डीपीएम सहित ब्लॉक प्रबंधकों का कब्जा है। समूहों में महिलाओं के साथ बदसलूकी, गाली गलौच की जाती है। जिसकी कई बार शिकायत दे चुकी हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वीरवार को भी महिलाएं जब डीसी से मिलने आ रही थीं तो उस समय स्टाफ के सदस्यों ने उन्हें रोका और धमकाया। हमारी वीडियो बनाने लगे, ताकि महिलाएं डर जाएं। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाए कि उनसे जबरदस्ती रिवॉल्विंग फंड का ब्याज लिया जाता है। जो किसी गाइडलाइन में नहीं है। गांव चौशाला में दो साल समूह को लोन नहीं मिला है। नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह में भी यही दिक्कत है। उन्हें कहा जाता है कि आपने अगर हमारे खिलाफ शिकायत की तो पुलिस में पकड़ा देंगे। हनुमान वाटिका में धमकी देने और वीडियो बनाकर दबाव बनाने का आरोप लगाया। इस शिकायत पर रीना, नरेश, माया, सुमन, संतोश, नीता, गुरमीत रानी, उर्मी, नीलम, मीना, चंद्रपति, सुनीता देवी, प्रवेश देवी, बीरमती, शकुंतला, जसबीर कौर, माया देवी, कविता, कृष्णा, कृष्णा, सुमन, रीतू, मूर्ति, सुलोचना, कांता देवी, पलविंद्र देवी, सीमा, देवी, कृष्णा देवी, सर्वजीत कौर, दविंद्र, बलविंद्र, जस्सी, कमलेश, कुलवंत, जसबीर सहित भारी संख्या में महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।
अधिकारियों के समर्थन में भी आई महिलाएं
विरोध के साथ-साथ काफी संख्या में महिलाएं समर्थन में भी आईं। सोनिया सहित उनके साथ आई महिलाओं ने कहा कि वीरवार को महिलाओं को बिना कुछ बताए बुलाया गया औरप्रदर्शन करवा दिया गया। जबकि स्टाफ सदस्य हर बात समझा कर उनसे काम करवाते हैं। उन्हें किसी स्टाफ सदस्य से कोई दिक्कत नहीं हैं। सारा काम नियमानुसार हो रहा है। इन महिलाओं ने भी अपनी शिकायत प्रशासन में दी है।
डीपीएम रजत भास्कर का आरोपों पर जवाब-डीपीएम रजत भास्कर का कहना है कि उन्हें पता चला था कि कुछ समूहों से जुड़ी महिलाएं हनुमान वाटिका में आई हैं, उन्हें भड़काया जा रहा है। उसी की जानकारी के लिए गए थे कि उन्हें क्या दिक्कत है। जो उन्हें परेशानी है, उसका रिकॉर्ड रहे, इसलिए वीडियो बनाई जा रही थी। किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाता। सभी कार्य नियमानुसार हो रहे हैं। मिशन के काम को जिले में पिछले करीब दस दिनों से बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं। यदि किसी महिला या समूह को दिक्कत है तो पहले वह समूह में, फिर ब्लॉक में और वहां भी समाधान नहीं होता है तो जिलास्तर पर समस्या रखे। उनके पास आज तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई, जैसे आरोप महिलाओं द्वारा लगाए जा रहे हैं। जिले भर में महिलाएं मिशन के काम से खुश हैं और उनकी खुशहाली के लिए काम किया जा रहा है।