संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के युवा खिलाड़ी मेहनत और लगन से राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले और माता-पिता का नाम रोशन कर रहे हैं। इन्हीं प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं जूनियर अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नैतिक, जो कैथल जिले के गांव करोड़ा की रहने वाली हैं।
खेल की शुरुआत ः खिलाड़ी नैतिक ने अपनी खेल यात्रा एथलेटिक्स से शुरू की। उन्होंने करनाल में हुई एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण उनका यह खेल छूट गया।
इसके बाद, उनके पिता ने गांव में एक मुक्केबाजी अकादमी का पोस्टर देखा और उन्हें इस खेल की ओर प्रेरित किया। धीरे-धीरे नैतिक ने मुक्केबाजी में रुचि ली और नियमित अभ्यास शुरू कर दिया।
तीन वर्ष पूर्व उनके पिता ने उन्हें कैथल के चौधरी छोटूराम इंडोर स्टेडियम में स्थित मुक्केबाजी नर्सरी में दाखिला दिलाया, जहां कोच अमरजीत सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने कठोर अभ्यास किया। वर्तमान में नैतिक 50 से 52 किग्रा भार वर्ग में खेलती हैं और लगातार अपने खेल में सुधार कर रही हैं।
खिलाड़ी नैतिक दसवीं कक्षा में पढ़ती हैं और मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रणदीप सिंह ट्रक चालक हैं और मां मैना एक गृहिणी हैं। उनकी बड़ी बहन हैप्पी और छोटा भाई कीर्त भी मुक्केबाजी में रुचि रखते हैं।
उनका सपना ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और स्वर्ण पदक जीतकर अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन करना है। उनकी मेहनत और समर्पण निश्चित रूप से उन्हें इस लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगा। कैथल की यह उभरती प्रतिभा आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।
खेल उपलब्धियां
नैतिक ने अपने शानदार प्रदर्शन से कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं-
स्कूली राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिता - स्वर्ण पदक
सब-जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता, नोएडा - स्वर्ण पदक
एशियन जूनियर चैंपियनशिप, दुबई (आबू धाबी) - स्वर्ण पदक