मैकेनिक बलराज की हत्या उसी के पड़ोसी युवक ने चार साथियों के साथ चलती कार में गला घोंट कर की थी। हत्या करके शव को ड्रेन में फेंक दिया था। हत्या का कारण आरोपी युवक की चाची से मृतक द्वारा छेड़छाड़ करना बताया जा रहा है। एसपी शशांक सावन ने मीडिया के सामने यह खुलासा किया।
पूंडरी से शुक्रवार छह नवंबर को अपहरण के बाद बलराज का शव रविवार को करनाल के गांव प्योंत में मिला था। इसके बाद परिजनों ने शव रखकर रोष जताया था। परिजनों ने तीन दिन तक मंदिर में शव रखने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया था। इस मामले में पूरे घटनाक्रम का बुधवार को एसपी शशांक सावन ने खुलासा किया।
एसपी ने बताया कि पूंडरी निवासी सुल्तान की शिकायत पर 7 नवंबर को पुलिस ने अपहरण के आरोप में केस दर्ज किया था। पूंडरी प्रभारी हिमाद्री कौशिक आईपीएस के नेतृत्व में सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर सोमबीर की टीम द्वारा चौथे दिन करनाल क्षेत्र के गोंदर चौक के पास से आरोपी विकास उर्फ काशी निवासी पूंडरी, अशोक उर्फ शौकी करनाल व दीपक पंचकूला को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से बलराज के अपहरण में प्रयुक्त की गई गाड़ी भी बरामद कर ली गई। पूछताछ के दौरान आरोपी विकास ने कबूला कि बलराज कई माह से उसकी चाची को परेशान कर रहा था। उसी रंजिश के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बलराज का कंप्यूटर सेंटर से आते समय अपहरण कर लिया था। चलती गाड़ी में पटके से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए गांव प्योंत के पास ड्रेन में फेंक दिया था।
एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान अपहरण व हत्या की वारदात में शामिल उनके 2 अन्य साथियों की पहचान कर ली गई। उनकी गिरफ्तारी सहित अन्य प्रकार की पूछताछ के लिए आरोपियों का 15 नवंबर तक तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
आरोपी दीपक चलाता है ढाबा- गिरफ्तार तीनों आरोपियों की उम्र करीब 25 वर्ष है। उनमें से आरोपी दीपक अपने क्षेत्र में एक ढाबा चलाता है। बाकी दो अन्य आरोपी कोई काम नहीं करते हैं। एसपी ने बताया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम सुराग- पुलिस के अनुसार गाड़ी में अपहरण करने का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गया। जिसमें मृतक के पिता ने भी शक जता दिया था कि यह गाड़ी इस व्यक्ति की हो सकती है। क्योंकि मुख्य आरोपी का बलराज के साथ कुछ दिन पहले झगड़ा भी हुआ था। इसी एंगल से जब पुलिस ने जांच की तो परिजनों का शक सही निकला और सीसीटीवी फुटेज से गाड़ी की पहचान होने पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने उक्त तीनों को गिरफ्तार किया है।