कैथल। गांव कैलरम निवासी सुनील कुंडू के स्टॉर्ट-अप को कृषि क्षेत्र की दवाएं बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी ने समर्थन दिया है। उसने सुनील कुंडू के स्टॉर्ट अप की खुद जांच की। पड़ताल में उसके कृषि फसलों के उत्पादन के लिए बनाए गए उत्पादों से चार से लेकर 21 प्रतिशत तक बढ़ोतरी पर मोहर लगाई है। अब जल्द ही उसे कंपनी दवाओं के लिए ऑर्डर दे सकती है।
गौरतलब है कि सरकार ने भी इस स्टॉर्ट अप के लिए 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। गांव कैलरम निवासी ईश्वर कुंडू अपने उत्पादों के लिए कई बड़े पुरस्कार जीत चुके हैं। उनकी प्रेरणा से उनके पुत्र सुनील कुंडू ने अपना स्टॉर्ट-अप वर्ष 2019 में बनाया। इसके बाद उसने केंद्र सरकार को भी अपने उत्पादों के बारे में जानकारी देते हुए स्टार्ट-अप शुरू करने की जानकारी दी। सरकार ने स्टार्ट-अप के लिए 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी की। इसी बीच किसी से मल्टीनेशनल कंपनी सिजेंटा की लैब विंग को इन उत्पादों की जानकारी मिली।
सुनील कुंडू ने बताया कि सिजेंटा कंपनी ने अपने फार्म पर उसके उत्पादों को परख कर बताया है कि उसके उत्पाद रसायनिक दवाओं के मुकाबले उसके उत्पादों से उत्पादन बढ़ा है। कंपनी ने बताया है कि उसके उत्पादों से चार से लेकर 21 प्रतिशत तक बढ़ौतरी हुई है। अब कंपनी ने उत्पादों की कीमत सूची मांगी है। उसने यह भेज दी है। उम्मीद है कि यह कंपनी अब ऑर्डर दे। सरकार ने भी उसके उत्पादों को देखते हुए 12 लाख रुपये की मदद दी है।
कई तरह के बनाए हैं उत्पाद-सुनील से मिली जानकारी के अनुसार बीज उपचार से लेकर फसलों में खरपतवारनाशक हो या फिर उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्पाद, इस तरह के सभी उत्पाद सुनील ने बनाए हैं।
रसायनिक दवाओं की जगह प्रयोग किया
इस एमएनसी ने सुनील के जैविक उत्पादों को रसायनिक दवाओं की जगह प्रयोग किया। जिसमें निष्कर्ष निकाला कि मक्का में 16 प्रतिशत, बीट्स में चार प्रतिशत, कपास में नौ प्रतिशत, गोभी में 17 प्रतिशत, गेहूं में 21 प्रतिशत उत्पादन सामान्य फसलों से अधिक मिला। इसके अलावा फूल, फलों में भी इन उत्पादों का प्रयोग करने से उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की है।