संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाले करवाचौथ पर चंद्रमा की पूजा इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी। सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे बड़ा त्योहार होता है। चंद्रमा को अर्घ्य देकर वे अपना व्रत खोलती हैं।
गौरतलब है कि देश के अनेक हिस्सों विशेषकर उतर भारत की महिलाएं करवा चौथ त्योहार का बेसब्री से इंतजार करती है। पर्व के लिए कैथल के साथ कलायत में जगह जगह मिट्टी के करवों की बिक्री की जा रही है। महिला सोना देवी ने बताया कि जिस घर में जाकर वे करवा देती हैं उस घर से करवे के दाम के अलावा चीनी की कटोरी भी दी जाती है। मान्यता है कि इससे पति-पत्नी के संबंधों में हमेशा मधुरता रहती है। बेशक आज धातु से बने करवे बाजार में आ गए हों मगर लगभग प्रत्येक सुहागिन मिट्टी का करवा भी खरीदती है जिसे शुभ माना जाता है।
कल है करवा चौथ
व्रत के संबंध में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि करवाचौथ के दिन कार्तिक संकष्टी चतुर्थी होती है। इसे वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं। उदया तिथि और चतुर्थी के चंद्रोदय के आधार पर करवाचौथ व्रत एक नवंबर बुधवार को रखा जाएगा। करवाचौथ के दिन चंद्रोदय रात 08 बजकर 15 मिनट पर होगा।
शांडिल्य ने बताया कि करवाचौथ पर इस बार अनेक सुखद संयोग बन रहे हैं। चंद्रमा पूजा व चंद्रमा का अर्घ्य सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06:33 बजे से प्रारंभ हो रहा है, जो अगले दिन प्रात: 04:36 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि को शुभ योग माना जाता हैं। इसी दिन प्रात:काल से दोपहर 02 बजकर 07 मिनट तक परिघ योग है व उसके बाद शिव योग प्रारंभ होगा जो अगले दिन तक रहेगा। करवाचौथ के दिन मृगशिरा नक्षत्र सुबह से लेकर अगले दिन दो नवंबर को सुबह 04:36 बजे तक है।