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Kaithal News: स्टील-पीतल दरकिनार, मिट्टी का क्रेज बरकरार

Tue, 31 Oct 2023 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कुलदीप प्रजापति
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कैथल। पूरे वर्ष भर सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर्व का बेसब्री से इंतजार करती हैं। बुधवार को अबकी करवा चौथ मनाया जाएगा। बाजार में मिट्टी के साथ स्टील, पीतल, तांबे के भी करवे भी बिक रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग मिट्टी के फैंसी करवों की है।

मान्यता के अनुसार, करवा चौथ का दिन आने पर वे अपने पति की दीर्घायु के लिए रात तक प्यासी रहकर व्रत रखती हैं। इस बार एक नवंबर दिन बुधवार को करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। इसके पर्व में करवे का बड़ा महत्व होता है। आधुनिकता की चकाचौंध में लोग स्टील व पीतल के करवों का भी प्रयोग करने लगे हैं।
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ज्यादातर महिलाएं मिट्टी के करवा से ही पूजन शुभ मानती हैं और उसका ही उपयोग करती हैं। देखा जाए तो पिछले दो तीन वर्षों में मिट्टी के करवा और दीपक की मांग बढ़कर सामने आई है। त्योहार सीजन को देखते हुए कुम्हार भी नए नए डिजाइन में आकर्षक करवे तैयार करने में जुटे हुए हैं।

मिट्टी के बर्तन तैयार करने वाले कुम्हार धर्मपाल, बारु राम, सतपाल व कृष्ण ने बताया कि सभी कस्बों में कुम्हार लोग करवा की तैयारियों में दिन रात एक करके काम में जुटे हुए है। बुधवार को करवाचौथ का है। ऐसी हालत में करवा तैयार करने, पकाने व रंगने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। पूरा परिवार मिट्टी के करवों को तैयार करने व रंगने में मशगूल दिखा।

उन्होंने बताया कि पूजन में मिट्टी के करवा का महत्व बरकरार रहने से इनकी मांग ठीक ठाक रहती है। यह काम उनका पुश्तैनी कामकाज है, लेकिन इलाके में मिट्टी की उपलब्धता कम होने से बाहर से महंगी दर पर मिट्टी मंगानी पड़ती है।

उन्होंने बताया कि इस बार करवा की कीमत होल सेल में सिंपल करवा 15 रुपये से 30 रुपये प्रति जोड़ी तक बिक रही है। वहीं स्टील करवा का छोटा आकार 200 का जोड़ा, तांबा का 400, सिल्वर 400 का जोड़ा उपलब्ध है।
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पूरा परिवार मिलकर करता है करवा तैयार-

कुम्हारों का कहना है कि करवा चौथ में मिट्टी के करवों का काफी महत्व है। कई दिन पूर्व से ही वह लोग इसके निर्माण में लग जाते है। इन पर रंग रोगन कर सुंदर बनाया जाता है। जबकि उनकी पत्नी व बच्चे करवों को रंगने व डिजाइनर बनाने के काम में जुटे दिखे। करवा बनाने, पकाने व रंगने के साथ ही मजदूरी का खर्च यदि जोड़ दिया जाए तो विशेष आय नहीं है। पुत्रों ने बताया कि पढ़ाई के साथ पुश्तैनी कार्य में पिता का सहयोग भी करते हैं।
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