डेढ़ माह के इंतजार के बाद मंगलवार को मंगल बारिश हुई। जिससे आसमान में नजरें गढ़ाए किसानों को राहत मिली है। बारिश के इंतजार में खराब हो गई अपनी धान की फसल को कई किसानों ने उखाड़ना शुरू कर दिया था। लेकिन मंगलवार को हुई करीब बीस एमएम बारिश ने किसानों को तो बड़ी राहत दी है, साथ उमस भरी गर्मी से लोगों को भी राहत मिली है। अगले एक दो दिन तक बारिश की संभावनाएं हैं।
जून और जुलाई माह में पिछले साल 1700 एमएम से ज्यादा बारिश जिले में दर्ज की गई थी। लेकिन मौजूदा वर्ष में पूरा जून सूखा बीत गया। जुलाई में भी छिट-पुट बादल कहीं बरस गए। जिस कारण दोनों माह में इस साल अभी तक महज 37 एमएम बारिश हुई थी। जिस कारण जिले में 1 लाख 70 हजार हेक्टेयर में धान के रकबे में रोपाई और बुआई का कार्य प्रभावित हो रहा था। पानी की कमी में फसल कई जगहों पर पूरी तरह से सूख गई। जिस कारण किसानों ने इसे उखाड़ना शुरू कर दिया था। मौसम विभाग के कयास भी इस बार बार-बार फेल होते नजर आए। सोमवार सायं तक उमस भरी गर्मी लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई थी।
मंगलवार की सुबह ठंडी हवाओं के साथ हुई। इसके बाद करीब ग्यारह बजे तेज बारिश के साथ ही मानसून ने आधिकारिक तौर पर जिले में दस्तक दे दी। सुबह से दोपहर 2 बजे तक अच्छी बारिश हुई। इसके बाद 4 बजे तक बूंदाबांदी जारी रही। इससे तापमान में आठ डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पूरे जिले में औसतन 17.42 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि गुहला में हल्की बूंदाबांदी ही हुई है।
कैथल में 05 एमएम, कलायत में 44 एमएम, पूंडरी में 08 एमएम, गुहला में 00 एमएम, सीवन में 14 एमएम, ढांड में 09 एमएम, राजौंद में 42 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार का सबसे अधिक बारिश कलायत क्षेत्र में हुई है और सबसे कम बरसात गुहला में हुई है। राजौंद क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हुई है। 05 एमएम बारिश से शहर में कई जगहों पर घंटों तक सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेट बैंक रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड, सब्जी मंडी रोड, ढांड रोड, माता गेट पर वाहनों को कई पानी से होकर गुजरना पड़ा। कई घंटों बाद सड़कों से बारिश के पानी की निकासी हुई।
बता दें कि सोमवार रात से ही क्षेत्र में बादलों का डेरा लगना शुरू हो गया था। मौसम का मिजाज यहां ऐसा बदला की मंगलवार सुबह 9 बजे से ही काली घटाओं के साथ तेज ठंडी हवा चलने लगीं। जिससे आसानी से अनुमान लगाया जा सकता था कि बारिश आने वाली है। इसके बाद सुबह साढे़ 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके बाद धीरे-धीरे 12 बजे तेज बारिश होने लगी और दो बजे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद चार बजे तक बूंदाबांदी जारी रही। बारिश से क्षेत्र के किसान काफी खुश नजर आए। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने बताया कि आगामी तीन दिनों तक बारिश का अनुमान है। धान की फसल के लिए बारिश वरदान साबित होगी। धान की फसल सूखने लग गई थी, अब दोबारा से हरी होगी और बचे हुए क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा होगा।