जीवन रक्षक दल के मांग पत्र पर फैसला लेते हुए जिला प्रशासन ने जिले में चाइनीज मांझा बेचने, भंडारण करने और प्रयोग करने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी है। डीसी ने धारा 144 का प्रयोग करते हुए इस नियम का पालन करने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं।
चार दिन पहले खेल का अभ्यास करने जा रहे दो बच्चे चाइनीज मांझे में फंसकर घायल हो गए थे। इन खिलाड़ियों में एक के गले पर काफी गहरा घाव हुआ था। इसके बाद जीवन रक्षक दल की टीम ने डीसी प्रदीप दहिया को ज्ञापन देकर इसके प्रयोग पर पाबंदी की मांग की थी।
जिस पर फैसला लेते हुए डीसी ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत आगामी 4 महीने तक जिले में पतंग उड़ाने में प्रयोग होने वाली चाईनीज डोरी, सिंथेटिक धागा को बेचने, स्टोर करने व उसके प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
डीसी ने कहा कि पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा काफी खतरनाक है। यह मांझा ऐसे प्लास्टिक से बना होता है, जो काफी मजबूत होती है। यदि यह डोरी हाई वोल्टेज तारों से टकरा जा जाए तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इस मांझे के प्रभाव से कई नागरिक घटना के शिकार हुए हैं, जिनको गंभीर चोटें भी आई। भविष्य में ऐसी घटना न घटे इसके लिए जिले में चाइनीज मांझा बेचने, प्रयोग करने व डोरी को स्टोर करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। सबडिविजन स्तर पर निगरानी के लिए संबंधित एसडीएम को टीम के गठन के निर्देश दिए गए हैं। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किए गए हैं। अगर किसी की तरफ से आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।