संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। नगर में घूम रहे बंदरों ने गली व कॉलोनी में पूरा उत्पात मचा रखा है। बंदरों के हमले से कई लोग घायल भी हो चुके हैं। नगर पालिका प्रशासन इस ओर कोई कदम नहीं उठा रही। कई महिलाओं ने बताया कि वे छतों पर कपड़े सुखाते हैं तो बंदर कपड़े फाड़ देते हैं। अगर महिला या बच्चे घर में अकेले हों तो ये बंदर घर में घुसकर नुकसान पहुंचाते हैं।
वार्ड नंबर आठ में नौ वर्षीय बच्चा कार्तिक अपने ही घर के छत पर खेल रहा था तो बंदरों ने अपना निशाना बनाते हुए बच्चों के कान को काट खाया। इससे वह बच्चा खून से लथपथ हो गया। बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस संबंध में लोगों का कहना कि जब ठेकेदार सैंकड़ों बंदरों को पकड़ कर ले जा चुका है, फिर ये बंदर कहा से आ रहे हैं। इस मामले में से ठेकेदार की जांच की मांग की जाए। पीड़ित बच्चे के पिता संदीप ने बताया कि शाम लगभग 5:30 के करीब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटे को लेकर गए लेकिन अस्पताल के कर्मचारी ने सामान्य अस्पताल कैथल के लिए भेज दिया। वहां बच्चों को चार टांके आए हैं।
सौंगल में भी परेशानी ः नगर के सौंगल गांव में ग्रामीणों की ओर से कई बार बंदरों को पकडना के लिए प्रयास किए गए लेकिन हर बार वो असफल रह गए। बीते दिनों ही शाम को बच्चे घर में ही खेल रहे थे। उस समय घर का कोई सदस्य नहीं था।
बंदरों की ओर से बच्चों पर हमला किया गया जिससे गांव में बंदरों के आंतक से भय का माहौल है।