संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के नए रेलवे स्टेशन पर हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। सुनसान इलाके में बने इस स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था लगभग न के बराबर है, जिससे यात्रियों में असुरक्षा लगातार बढ़ रही है। स्टेशन पर बैठने, पीने के पानी, लाइटिंग और महिला शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
स्टेशन की दुर्गम स्थिति और आस-पास अंधेरा होने के कारण शरारती तत्वों व झुग्गी क्षेत्रों से आने वाले लोगों का यहां जमावड़ा लगा रहता है, जिससे यात्रियों का सामान चोरी या छीनने का खतरा बना रहता है। रेल यात्री कल्याण समिति द्वारा कई बार शिकायतें उठाए जाने के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी समाधान नहीं हुआ है।रात के समय स्टेशन की हालत और भी खराब हो जाती है। लाइट की कमी से यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कुरुक्षेत्र में चल रहे गीता महोत्सव के कारण ट्रेन में भीड़ बढ़ी है, ऐसे में देर रात आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। बावजूद इसके रेलवे और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
2014 में बना था नया स्टेशन, लेकिन आज भी बुनियादी सुविधाएं नदारद
करनाल रोड स्थित इस रेलवे हॉल्ट का निर्माण वर्ष 2014 में कराया गया था, लेकिन 10 साल बाद भी स्टेशन पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया।
यहां टिकट व्यवस्था भी अव्यवस्थित है-यात्रियों के अनुसार टिकट ट्रेन आने के मात्र 10-15 मिनट पहले मिलते हैं, जिससे कई लोगों को जींद या कुरुक्षेत्र जाने के लिए मजबूरन बिना टिकट यात्रा करनी पड़ती है।
सुविधाओं का अभाव ः एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं
रुकतीं, सिर्फ एक पैसेंजर ट्रेन का ठहराव
स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं रुकतीं, केवल जींद–कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन ही ठहरती है। सुविधाओं की कमी को इसकी एक प्रमुख वजह बताया जा रहा है।स्टेशन परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह लचर है। कई स्थानों पर गंदगी के ढेर आसानी से देखे जा सकते हैं। यही नहीं, यहां आने वाली ट्रेन की खिड़कियाँ भी अक्सर बंद रहती हैं, जिससे यात्री चढ़ नहीं पाते या टिकट नहीं ले पाते।
स्टेशन पर टिकट के लिए रेलवे को स्थायी कर्मचारी की नियुक्ति करनी चाहिए। यहां महिलाओं के लिए शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। हम रोजाना कुरुक्षेत्र आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी देखते हैं। सुरक्षा और सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं, लेकिन रेलवे ध्यान नहीं दे रहा।
सतपाल गुप्ता, चेयरमैन, रेल कल्याण समिति, कैथल