संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। काम में लेट-लतीफी पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को फटकार लगाई। मंत्री रणबीर गंगवा शुक्रवार को लोक एवं निर्माण विभाग के विश्राम गृह में लोक निर्माण व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री के समक्ष समय सीमा पर पेयजल और सड़कों से संबंधित समस्याओं का निपटारा न करने की शिकायतें आई। इस पर मंत्री ने अधिकारियों की क्लास ली।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी से आमजन को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं, लेकिन भाजपा सरकार आमजन के हित में काम करती आई है। गौरतलब है कि बैठक में कई लोगों की ओर से अधिकारियों पर लापरवाही से काम करने का आरोप लगाया था। उन्होंने जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। बाद में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक में मंत्री गंगवा ने जिले में सड़कों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि जो भी सड़कें किसी एजेंसी द्वारा बनाने के बाद जितनी अवधि तक उन्हें उस एजेंसी द्वारा ठीक रखा जाना है, डीएलपी के तहत आने वाली ऐसी 1950 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करवाई जाए।
इसके अलावा उन्होंने उन सड़कों की भी जानकारी ली, जिनमें काम चल रहा है या फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
गंगवा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 जून से पहले सभी खराब हालत की सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करें। निर्माण एजेंसियों की ओर से निर्माण के बाद भी उनका रख-रखाव करें। उन्होंने कहा कि इन कार्याें में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीवन में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत पर अधीक्षक अभियंता को दो दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, ताकि दोषी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
मंत्री के कैथल पहुंचने पर विभागों के आला अधिकारियों सहित जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष मनीष कठवाड़ व अन्य लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। मंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सड़कों के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए। सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के कार्याें को अधिकारी समय-समय पर चेक करते रहें। यदि किसी एजेंसी का कार्य ठीक नहीं है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर गड्ढों या फिर किसी अन्य विभागीय कमी से किसी व्यक्ति की जान न जाए। अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि सड़कों की हालत ठीक रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में छह माह में सभी सड़कों के दुरुस्त करने की बात कही थी। इसीलिए अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें कि सड़कों का कार्य अधूरा न हो। उन्होंने कहा कि टेंडर की अवधि कम से कम हो, ताकि जल्द कार्य पूरा हो सके। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सड़क निर्माण में निर्माण एजेंसी पुरानी सामग्री का नियमानुसार ही प्रयोग करें। अधिकारी एक-दूसरे विभागों के साथ तालमेल बनाकर काम करें। ताकि नई सड़कों को बाद में उखाड़ना न पड़े।
इस अवसर पर उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष मनीष कठवाड़, जिला महामंत्री सुरेश संधू, ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रवीण प्रजापति, लघु उद्योग प्रकोष्ठ से जिला अध्यक्ष श्याम, हरिकिशन सैनी, कुशलपाल सैन, जग्गा सैनी, वीना सेठी पूंडरी, सुभाष कुराड़, राजपाल प्रजापति, काला ढाबा वाला, संदीप पाड़ला, कृष्ण टीक, संजीव बरसाना आदि लोग मौजूद रहे।
मौके पर सुनीं लोगों की समस्याएं
मंत्री ने इस अवसर पर सीवन, कवारतन, पंत नगर, क्योड़क, पाई, जनकपुरी कॉलोनी, महादेव कॉलोनी सहित जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर राजू कल्याण ने मंत्री रणबीर गंगवा की पेंसिल से बनाया हुआ चित्र भेंट किया।
पेयजल व सीवरेज लोगों के स्वास्थ्य से भी जुड़े अहम मुद्दे
लोक निर्माण विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पेयजल व सीवरेज लोगों के स्वास्थ्य से भी जुड़े अहम मुद्दे हैं। इसीलिए पेयजल के संबंध में लापरवाही किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी। उन्होंने जिले में महाग्राम योजना के तहत आने वाले गांव क्योड़क, पाई सहित सभी छह गांवों में अब तक हुए कार्य की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि यदि पाइपलाइन डालने के टेंडर में सड़क निर्माण कार्य भी शामिल है तो अधिकारी सुनिश्चित करें कि पाइपलाइन डालने के बाद वहां पर सड़क निर्माण कार्य पूरा हो। यदि यह कहीं अधूरा मिलता है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए नहरी पानी हो या ट्यूबवेल से सप्लाई, अधिकारी पूरी स्टोरेज सुनिश्चित करें। गर्मी में पानी की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। जलघरों में साफ-सुथरे फिल्टर हों, क्लोरिनेशन की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाए। जहां किसी तरह की लीकेज है, उसे तुरंत ठीक करवाएं। बारिश से पहले सभी सीवरेज व नालों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के समय में किसी को परेशानी न हो।