संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डिपो की तरफ से प्रदेश सरकार को बेड़े में 10 नई बसों की मांग भेजी थी, लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद अब तक बसें आई नहीं है। जिले में अब सिर्फ पांच मिनी बसें है, जो महिलाओं के लिए अलग-अलग रूट पर चलाई जा रही है। डिपो में ये बसें अब कुछ समय पहले ही आ जानी थी, जिससे अब परिवहन विभाग को महिलाओं के लिए चलाए जाने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। इन बसों के ना आने से विभिन्न रूटों पर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज प्रबंधन ने भी बसों को बेड़े में शामिल करने की मांग की थी। वहीं, इससे पहले प्रदेश के अंबाला, पानीपत, यमुनानगर व करनाल डिपो में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया था। वर्तमान में यह बसें सिटी बस सेवा के तहत विभिन्न रूटों पर यात्रियों को सुविधा भी दे रही है। जिले में विद्यार्थी बस स्टैंड से लेकर अपने शिक्षण संस्थानों तक का सफर करते हैं। यदि कैथल में इलेक्ट्रिक बसें आती हैं तो सिटी बस सेवा के रूप में इसे संचालित किया जाएगा। इसलिए डिपो के महाप्रबंधक की ओर से मुख्यालय में 10 मिनी बसों की मांग की गई थी। एक साल के बाद भी यह बसें डिपो में नहीं पहुंची है।
कैथल डिपो के यातायात प्रबंधक विरेंद्र स्वामी ने कहा कि आला अधिकारियों से पत्राचार भी किया गया है। उम्मीद है कि आगामी दो से महीने में यह बसे रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी।