संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (सीटीए) का प्रतिनिधिमंडल महिला व बाल विकास राज्यमंत्री मंत्री कमलेश ढांडा से मिला और मांगों का ज्ञापन सौंपा। सीटीए के महासचिव डॉ. सुदीप के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मंत्री को एडेड कॉलेजों में स्टाफ की समस्याओं से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि एडेड कॉलेजों में वेतन समय पर नहीं मिलता। तीन से चार महीने सैलरी नहीं मिलती। सातवें वेतनमान के अनुसार एचआरए की फाइल पिछले तीन सालों से वित्त विभाग में लंबित है। एक्स ग्रेशिया भी एडेड कॉलेजों में कार्यरत स्टाफ को नहीं मिलता। इसके साथ ही मेडिकल, एनपीएस स्टाफ की डेथ कम रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, एलटीसी, सेवा एवं अवकाश नियमों में बदलाव न होना, सीसीएल जैसे लाभ भी इन कॉलेजों में कार्यरत स्टाफ को नहीं मिलते।
उच्च न्यायालय में दिए सरकार की ओर से हलफनामे के मुताबिक सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के लगभग 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। प्रदेश सरकार ने एडेड कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों को टेकओवर करके सरकारी महाविद्यालयों में समायोजित करने का वादा किया था, जो अभी तक सरकार ने पूरा नहीं किया।
टेकओवर करने के लिए फाइल प्रोसेसिंग में है। मंत्री सभी समस्याओं को सुना और विश्वास दिया कि वे इस प्रतिवेदन की कॉपी मुख्यमंत्री को भेजेंगे और टेकओवर के विषय पर मुख्यमंत्री से बातचीत करूंगी। इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. सुदीप, डॉ. ब्रिजेंदर ढांडा, डॉ. राजेश देशवाल, डॉ. अशोक शर्मा व डॉ. अशोक अत्रि मौजूद रहे।