बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलवाने का मांग पत्र पूर्व राज्यमंत्री को सौंपते कलायत के नागरिक। संवा
कलायत। कलायत के कपिल मुनि तीर्थ पर दीप प्रज्वलित करने पहुंची पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा से अनेक सामाजिक संगठनों ने मुलाकात कर नगर को बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलवाने की गुहार लगाई। नरेश वर्मा ने बताया की इस संबंध में पूर्व राज्यमंत्री को लिखित में शिकायत भी दी गई है।
उन्होंने बताया कि नगर में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि महिलाओं व बच्चों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। विशेष तौर पर मंदिर परिसर का क्षेत्र तो बंदरों से इतना त्रस्त है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु व सड़क से निकलने वाले राहगीर अक्सर हिंसक बंदरों का शिकार बन जाते हैं। घर से निकलने पर हर समय भय रहता है। मंदिर में प्रसाद बांटने जाते हैं तो प्रसाद का ही लिफाफा छीन लेते हैं। मंदिर के गेट एवं मंदिर के सामने वाली गली में भारी संख्या में बंदरो की सेना हर समय हमले को तैयार रहती है। पिछले कुछ माह में कलायत मे लगभग 70 लोग हिंसक बंदरों के हमले का शिकार बन चुके हैं। अनेक लोगों को पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज करवाना पड़ा। महिला संतोष, रेखा और स्नेहा आदी का कहना है कि बंदरों के डर से महिलाओं को घर में ही कैद रहना पड़ रहा है। घरों में भी बंदर घुस कर बहुत नुकसान करते हैं। फ्रिज को खोल कर सामान निकाल कर ले जाते हैं।
बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलवाने का मांग पत्र पूर्व राज्यमंत्री को सौंपते कलायत के नागरिक। संवा