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नागरिक अस्पताल में काम संभालेंगे मेडिकल कालेज छात्र, प्रशिक्षु

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माई सिटी रिपोर्टर
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कैथल। कोरोना काल में चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। यहां अब 8 पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल छात्रों और 8 प्रशिक्षु एमबीबीएस विद्यार्थियों ने ज्वाइन कर लिया है। जिन्हें जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी दी गई है। इससे मरीजों की देखभाल करने व इलाज करने में मदद मिलेगी।
शुरू से ही जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। कोरोना काल में चिकित्सकों की कमी के कारण ज्यादा परेशानियां हो रही हैं। डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया था कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की भी सेवाएं ली जाएंगी। इसी फैसले के तहत सोमवार को जिले में विभिन्न चिकित्सीय सेवाओं में पोस्ट ग्रेजुएट कर तीन विद्यार्थियों ने ज्वाइन किया। इसके अलावा एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के बाद इंटर्नशिप के लिए भी 8 मेडिकल छात्रों ने जिला अस्पताल में ज्वाइन किया है।
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पीएमओ डा. रेनू चावला ने बताया कि इन सभी प्रशिक्षु चिकित्सकों की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड व कोविड केयर वार्ड में लगाई गई है। समय-समय पर सीनियर डॉक्टर भी यहां दौरा करते हैं। इन मेडिकल विद्यार्थियों के ज्वाइन किए जाने से कोविड के मरीजों के इलाज में काफी मदद मिलेगी और जो स्टॉफ लगातार ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें भी काफी राहत मिलेगी। इससे पूर्व तीन बेहोशी विशेषज्ञ ज्वाइन कर चुके हैं। जो वेंटिलेटर संभाल रहे हैं। पांच में से चार वेंटिलेटर पर मरीज दाखिल हैं। एक में कुछ कमी आ गई थी, उसे ठीक करवाया जा रहा है। इसके अलावा 62 बेड पर ऑक्सीजन की सीधी सप्लाई दी जा रही है। 45 बेडों पर सिलिंडर की मदद से ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा रही है। आईसीयू में 8 मरीज दाखिल हैं।
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मरीजों के परिजनों के लिए वीडियो व फोन कॉल की सुविधा
डा. रेनू चावला ने बताया कि मरीजों व परिजनों की सुविधा के लिए वीडियो कॉल व फोन कॉल की सुविधा दी जा रही है। दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो परिजनों को फोन करके उनके मरीजों के ऑक्सीजन लेवल व अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दे रहे हैं। ताकि उन्हें बार-बार जिला अस्पताल में न आना पड़े। साथ ही जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल से भी मरीजों के परिजनों की बात करवाई जा रही है।
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