संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शादी के बाद आने वाला पहला पर्व हर महिला के जीवन में विशेष महत्व रखता है। खासकर लोहड़ी जैसे पारंपरिक और सांस्कृतिक पर्व को लेकर नवविवाहित महिलाओं में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। यह त्योहार केवल मौसम परिवर्तन या कृषि परंपरा से जुड़ा नहीं, बल्कि रिश्तों, भावनाओं और पारिवारिक संस्कारों को मजबूती देने का माध्यम भी है।
जीया और शीतल भी अपनी पहली लोहड़ी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। दोनों का मानना है कि लोहड़ी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि परिवार के साथ जुड़ाव बढ़ाने और सांस्कृतिक परंपराओं को आत्मसात करने का अवसर है। शादी के बाद पहली बार ससुराल में इस पर्व को मनाना हर महिला के लिए जीवनभर की याद बन जाता है।
ससुराल में पहली बार इस पर्व को मनाने का अनुभव बिल्कुल नया और खास है। अबकी निभाई जाने वाली रस्मों का बेसब्री से इंतजार है। -जीया
सास और ननद ने पहले से ही उन्हें लोहड़ी से जुड़ी सभी रस्मों और परंपराओं की जानकारी दे दी है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की झिझक न हो। -शीतल