संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एडीसी विभाग की कर्मचारी मंजू ने हाल ही में हिसार में हुई 33वीं राज्यस्तरीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। मंजू ने 100, 200, और 400 मीटर दौड़ में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीते।
मंजू ने बताया कि यह प्रतियोगिता 1 व 2 फरवरी को हरियाणा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के गिरी सेंटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित हुई थी, जिसमें 30 वर्ष से ऊपर 100 प्लस आयु के सैकड़ों पुरुष एवं महिला खिलाडि़यों ने भाग लिया।
इस प्रतियोगिता में 100, 200, 400, 800, 1500, 5000, 10,000 मीटर, पांच किलोमीटर पैदल चाल, गोला फेंक, तार गोला फेंक, चक्का फेंक, जैवलिन थ्रो, ऊंची कूद, लंबी कूद, ट्रिपल कूद, 80,100, 110, 400 मीटर बाधा दौड़ आदि स्पर्धाएं करवाई गई थी। वहीं इस प्रतियोगिता में उसने 30 से 34 आयु वर्ग में खेलते हुए तीन इवेंट 100, 200 व 400 मीटर दौड़ में भाग लिया था। और तीन स्वर्ण पदक जीते हैं।
कुलतारण गांव निवासी कर्मचारी मंजू का खेलों से जुड़ाव बचपन से ही रहा है। 2002 से 2004 तक ताइक्वांडो में रुचि लेने के बाद, उन्होंने हैंडबॉल खेलना शुरू किया और 2012 तक विभिन्न स्तरों पर कई पदक जीते। स्कूली स्तर से लेकर ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी तक, उन्होंने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों के साथ नकद पुरस्कार भी प्राप्त किए।
वर्ष 2012 के बाद, मंजू ने एनआईएस हैंडबल कोचिंग पूरी की और बी.पी.एड तथा एम.पी.एड की डिग्री हासिल की। इसके साथ ही, उन्होंने दो वर्षों तक निजी स्कूल में ओर दो वर्ष तक क्योडक़ गांव के राजकीय स्कूल स्थित हैंडबाल की नर्सरी में कोचिंग का कार्य भी किया। वर्तमान में, मंजू कैथल जिला सचिवालय में एडीसी विभाग के कार्यालय में डी ग्रुप के पद पर कार्यरत हैं।
मंजू ने बताया कि अब उनका चयन 4 से 9 मार्च तक बंगलुरू में होने वाली 45वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हो गया है। मंजू ने देश के युवाओं को अपील करते हुए कहा कि वे नशे से दूर रहें और किसी भी खेल में रुचि लेकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। खेल न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देता है, बल्कि जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी लाता है।