अनाज मंडियों से इस समय उठान सहित ऑनलाइन गेटपास को लेकर आढ़ती जूझ रहे हैं। इसी कारण किसानों का भुगतान भी रुका हुआ है। जब तक कंप्यूटर में गाड़ी खाली दर्ज नहीं की जाती, तब तक अगला गेटपास नहीं कटता। आढ़तियों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग की है।
पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने कहा कि पूरे सीजन में पुरानी अनाज मंडी से काम काज ठीक हुआ। लेकिन अब स्थिति यह है कि यदि किसी आढ़ती के पास 350 कट्टे थे और ट्रक चालक उसमें से 300 कट्टे उठाकर ले गया और बाकि के 50 कट्टे बचे हैं तो उन कट्टों को उठाने के लिए गेटपास नहीं मिल रहे। जिस कारण काफी ऐसे आढ़ती परेशान हैं, जिनकी दुकानों पर काफी कम कट्टों का उठान नहीं हो पा रहा है।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग ने कहा कि एक ट्रक चालक आढ़ती के कट्टे लेकर गोदाम में चला जाए और उसे खाली करने के बाद दूसरी ओर लोड कर लिया जाता है। लेकिन उस गाड़ी के लिए तब तक गेटपास नहीं कटता, जब तक कंप्यूटर में पिछले चक्कर को अनलोड न दिखाया जाए। कंप्यूटर में गाडिय़ां अपलोड व अनलोड करने की प्रक्रिया काफी धीमी है। जिस कारण आढ़ती परेशान हैं।
मंडी से चल रही है उठान में जमकर रिश्वत-अनाज मंडी से आढ़तियों में गेहूं उठान को लेकर होड़ लगी हुई है। इसके लिए प्रति कट्टा पांच से छह रुपये तक रिश्वत चल रही है। आढ़तियों को चिंता सता रही है कि यदि उनकी दुकान का उठान नहीं हुआ तो घटोतरी पर उन्हें ही भुगतान करना पड़ेगा।
डीएफएसी प्रमोद कुमार ने कहा कि उठान का अधिकतर काम निपट गया है। यदि कोई परेशानी आ रही है तो उसे भी शीघ्र ही दूर कर दिया जाएगा।