कैथल। हरियाणा प्रदेश के दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने सोमवार को जिले का दौरा किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में जिले के दिव्यांगों की यूडीआईडी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा जिले में 25 हजार दिव्यांगों में से 1500 की यूडीआईडी यानि नई आईडी बनी हैं। अधिकारी प्रक्रिया में तेजी लाते हुए सभी दिव्यांगों की यूडीआईडी बनवाएं।
उन्होंने इस बात को लेकर भी हैरानी जताई कि सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण होते हुए भी महज चार दिव्यांगों के नाम नौकरी के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि एक जनवरी 1996 से 19 अप्रैल 2017 तक तीन व इसके बाद से चार प्रतिशत दिव्यांगों को रोजगार में आरक्षण दिए जाने का नियम है। उन्होंने कहा कि यह भी सही है कि दिव्यांग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं। अब ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने अधिकारियों की बैठक भी ली, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों में दिव्यांगों के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। इसके साथ-साथ बैंक, मॉल व अन्य प्राइवेट संस्थानों में भी सभी प्रकार की सुविधाएं होनी चाहिए, ताकि दिव्यांगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। जिले के 45 सरकारी भवनों में से 30 में रैंप, दिव्यांग शौचालय आदि की व्यवस्था है। उन्होंने बाकी बचे भवनों में भी सुविधाएं मुहैया करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में आयोजित अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि सभी दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड बनवाना जरूरी है, तभी उन्हें विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए सभी ब्लॉक में मेले लगाने के निर्देश दिए हैं। जिले के दिव्यांगजनों के लिए 16 स्पेशल एजुकेटर नियुक्त किए गए हैं। यदि कोई बैंक अधिकारी निर्धारित नियमानुसार दिव्यांगजनों के लिए व्यवस्था नही करेगा तो कानूनी रूप से कार्रवाई करते हुए उस पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। दिव्यांगजनों के पुनर्वास की समस्या को दूर करने के लिए एसडीएम अधिकृत है।
उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समिति कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन, डिस्ट्रिक अटॉर्नी, जिला प्रशासनिक, दिव्यांग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग निगम तथा सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की ओर से दिव्यांगों को सस्ते ब्याज पर कर्ज दिया जा रहा है। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप शर्मा, डीएसपी रविंद्र सांगवान, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया, शिव शंकर पाहवा, राणा बंसल, रीटा रानी आदि अधिकारी मौजूद रहे।