संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड/कलायत। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौल में स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में वीरवार को विश्व मधुमेह दिवस मनाया। इसमें स्कूली बच्चों व ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को अपनी दिनचर्या, जीवन शैली के साथ खानपान दुरुस्त रखने की सलाह दी। ऐसा करने से ही मधुमेह से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. श्याम सुंदर की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम के दौरान मधुमेह की जांच की गई। डा. श्याम सुंदर ने कहा कि 14 नवंबर को चाटर्रा बेंटिंग का जन्म दिन है। उन्होंने कनाडा के टोरंटो शहर में बेंट के साथ मिलकर 1921 में इंसुलिन की खोज की थी। इतिहास की इस महान खोज को अक्षुण रखने के लिए इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन 14 नवंबर को पिछले दो दशकों से विश्व डायबिटीज दिवस के रूप में मनाया रहा है।
यह दिन डायबिटीज की खतरनाक दस्तक को लोगों को यह समझाने का प्रयास करता है कि हमें इससे बचकर रहना है। डॉ. ने कहा कि आजकल मधुमेह रोगियों की बढ़ती तादाद हमारे लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। युवा और बच्चे भी सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आ रहे हैं। क्योंकि हमारा खानपान, रहनसहन, दिनचर्या का तौर तरीका सब कुछ बदल चुका है।
उधर, कलायत में राष्ट्रीय क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें क्षय रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जागरूकता की अलख जगाई गई। उपमंडल नागरिक अस्पताल के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर नरेश कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेश कुमार और बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी रणदीप सिंह ने उपस्थित कर्मचारियों, आम लोगों को टीबी से बचाव की जानकारी दी।
सुरेश कुमार ने बताया कि की क्षय रोग (टीबी) की जांच के लिए माइक्रोस्कोपी, एक्स-रे और हर प्रकार की दवाइयां भी सभी सरकारी संस्थाओं पर उपलब्ध हैं। इस बीमारी की सूचना देने वाले और जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर मदद दी जातीै।