कैथल। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। इस बात को जिले के करोड़ा गांव की बेटी मानवी ने मुक्केबाजी के खेल में शानदार प्रदर्शन कर साबित करके दिखाया है। मानवी एक मई को उज्बेकिस्तान में आयोजित होने वाली बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए रवाना होगी। उन्होंने न केवल अपने गांव बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। महज 14 साल की उम्र में ही मानवी ने बॉक्सिंग में अपनी अलग पहचान बना ली है और लगातार सफलता की ओर बढ़ रही हैं।
मानवी ने हाल ही में हिसार में आयोजित सब जूनियर स्टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के बाद गांव और जिले में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और ग्रामीणों का कहना है कि मानवी आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगी।
मानवी पहले ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। खास बात यह है कि मानवी का संबंध एक साधारण परिवार से है। उनके पिता कृष्ण कुमार ज्वैलर हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को पंख देने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
मानवी ने बताया कि जब बॉक्सिंग शुरू की तो शुरुआत में मुश्किलें आईं लेकिन परिवार और कोच का सहयोग मिला तो हौसला बढ़ता गया। रजत पदक जीतना गर्व का पल है लेकिन उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है।
उन्होंने कहा कि सुबह-शाम ट्रेनिंग, फिटनेस और डाइट पर खास ध्यान देना पड़ता है। कई बार थकान होती है, लेकिन जब देश के लिए खेलने का सपना आंखों में हो तो मेहनत हल्की लगने लगती है। मानवी ने चरखी दादरी में स्टेट लेवल पर आयोजित खेल प्रतियोगिता में भी रजत पदक हासिल किया था।
रोजाना सुबह और शाम करती हैं अभ्यास
मानवी के पिता कृष्ण कुमार का कहना है कि मानवी हर रोज सुबह तीन घंटे और शाम को तीन घंटे बॉक्सिंग का अभ्यास करती है। बॉक्सिंग के प्रति इनका जुनून इतना है कि एक दिन मानवी ने भारी बारिश के बाद भी बॉक्सिंग के अभ्यास के लिए स्टेडियम में जाने की जिद कर ली थी। मानवी हिंदू गर्ल्स स्कूल में नौवीं की छात्रा है। खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी वह काफी होशियार है। कृष्ण कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।
यह बोले कोच
कोच अमरजीत ने बताया कि मानवी एक मई को उज्बेकिस्तान में आयोजित होने वाली बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए रवाना होगी। उसमें बेहतरीन साहस और आत्मविश्वास है। यदि उसे उचित सुविधाएं और निरंतर प्रशिक्षण मिलता रहा तो वह भविष्य में बड़ा नाम बन सकती है। करोड़ा गांव की यह होनहार बेटी आज क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। मानवी की सफलता यह संदेश देती है कि ग्रामीण प्रतिभाओं को यदि सही मार्गदर्शन और समर्थन मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भी चमक सकती हैं।