संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में कैथल डिपो में बीएस-6 बसों की संख्या कम होने के बाद अब लंबे रूट भी प्रभावित होने लगे हैं। सबसे अधिक परेशानी इस समय दिल्ली रूट पर होने लगी है।
दरअसल, दिल्ली जाने वाले बसों में करीब पांच टाइम मिस किए जाने लगे हैं। इसके साथ ही करनाल व रोहतक रूट पर भी पुरानी बसों को नहीं भेजा जा सकता है। ये जिले भी एनसीआर क्षेत्र के अधीन आने लगे हैं। इस कारण अब लंबे रूटों पर जाने वाले यात्रियों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दरअसल, इस समय कैथल डिपो में सबसे अधिक टाइम दिल्ली रूट पर हैं। परंतु पिछले चार दिन पहले ही दूसरे जिलों से आई बीएस- तीन व चार तकनीक की बसों के सड़कों पर आने के बाद अब स्थानीय रूटों पर अधिक और लंबे रूटों पर बसों की संख्या कम हुई है।
गौरतलब है कि कैथल डिपो में बीएस-6 तकनीक की बजाय बीएस-तीन और चार तकनीक की बसें भेजने के बाद रोडवेज के कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि यह यात्रियों के साथ एक धोखा है। ऐसे में कैथल से यात्रा करने वाले यात्री कैसे एक अच्छी सुविधा प्राप्त कर पाएंगे।
वहीं, रोडवेज के महाप्रबंधक कमलजीत चहल का कहना है कि जिस प्रकार से सरकार की ओर से आदेश मिले हैं, उसी प्रकार से कैथल डिपो में बसों का संचालन किया जा रहा है।
समाजसेवी सतपाल गुप्ता ने बताया कि इस समय कुरुक्षेत्र में गीता जयंती का कार्यक्रम शुरू हो चुका है। ऐसे में कुरुक्षेत्र रूट पर भी बसों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। कहा कि कैथल डिपो में पिछले कुछ सालों से बसों की कमी की समस्या थी। यह समस्या पिछले साल ही कम हुई थी, लेकिन अब बीएस-6 तकनीक की बसें दूसरे जिलों में भेजे जाने के बाद यह समस्या अब फिर से बढ़ेगी। इसलिए वे संबंधित विभाग के आला अधिकारियों व सरकार से अपील करते हैं कि कैथल डिपो में भी नई बसें भेजी जाएं।
वहीं, रोडवेज के महाप्रबंधक कमलजीत चहल का कहना है कि यदि किसी यात्री को कोई समस्या है तो वह कार्यालय में आकर लिखित में शिकायत दे सकता है।