संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पंचायत समिति के सदस्यों ने सोमवार को एक घंटे तक बीडीपीओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों का काम रोककर उन्हें बाहर निकाल कार्यालय में ताला जड़ दिया। यह देख खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने मौके पर पुलिस भी बुला ली। इसके बावजूद प्रदर्शन कर रहे ब्लाक समिति सदस्यों ने ताला नहीं खोला और उन्हें गिरफ्तार करने की बात भी कही। बाद में प्रदर्शनकारियों ने मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कलायत खंड के सभी सदस्य मौजूद रहे। मांगों के बारे में प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पंचायत समिति सदस्यों का मानदेय हजार प्रतिमाह किया जाए। पंचायत समिति सदस्यों को अपने वार्ड में काम करवाने का स्वतंत्र अधिकार दिया जाए। वार्ड स्तर पर कार्यवाही रजिस्टर लागू किया जाए। पंचायत समिति के वार्ड के कार्यों के लिए राशि अलग अलग स्कीम अनुसार बढ़ाई जाए और खर्च करने की सीमा दो करोड़ रुपये की जाए। ई-टेंडरिंग लागू होने से अब तक करवाए गए सभी कार्यों की समयावधि में हुई देरी की अनुशंसा विभाग की करवाई जाए।
इसके अलावा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को अपने ब्लॉक के विकास कार्यों की देखरेख के लिए परिवहन सहायक कार्यालय की सुविधा दी जाए। हरियाणा प्रदेश के ब्लॉक स्तर पर जो अंत्योदय भवन बंद पड़े है उन्हें खोला जाए, ताकि अंतिम से वंचित को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनकल्याण से जोड़ा जा सके। इन भवनों को ब्लॉक में स्थापित करने के कुछ समय बाद ही बंद कर दिया था। प्रदेश के सभी पंचायत समिति वार्डों के लोगों की समस्याएं जनप्रतिनिधियों के माध्यम में सूचीबद्ध तरीके से करवा प्रत्येक महीने खुला दरबार लगवाकर सुनी जाएं।
जिला योजना समिति (डी प्लान) के अनुदान में होने वाले विकास कार्याें में पंचायत समिति की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। पंचायत समितियों के माध्यम से ढांचागत विकास सामुदायिक विकास एवं सामाजिक न्याय उत्थान की सभी योजनाएं जो चल रही है, उनको जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जोडा जाए। मनरेगा मजदूरों को होने वाली परेशानियों के निवारण के लिए मनरेगा अधिकारी द्वारा ग्राम स्तर या ब्लाक स्तर पर निवारण मेलों का आयोजन करवाया जाए और उसकी प्रगति रिपोर्ट पंचायत समिति को प्रेषित की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन में पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद जनप्रतिनिधि ही एक मात्र व्यवस्था है जो आम जन के साथ उनके जीवन से रूबरू होती है। जनप्रतिनिधियों का यह नैतिक कत्र्तव्य बनता है कि वे अपने लोगों के जीवन स्तर को सामाजिक, आर्थिक व न्यायिक तौर पर स्पोर्ट करने के लिए हर संभव प्रयास करे। इसलिए मांग पत्र में रखे गए बिंदुओं पर सरकार पूरी सहजता से विचार कर उन्हें लागू करे। इस मौके पर प्रदीप, कुशलपाल, मंजीत, कुलदीप, शिवानी, ममता, कविता, सुभाष चंद्र, रणधीर सिंह, पिंकी, रामभूल सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।