संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। किसान खेतों में पानी को तरसते रहे, लेकिन पानी सड़कों पर व्यर्थ होकर बहता रहा। यह नजारा सोमवार को ढांड में उस वक्त देखने को मिला जब पबनावा डिस्ट्रीब्यूट्री में नहर विभाग ने पहली बार उसमें पानी छोड़ा गया। पानी खेतों तक तो नही पहुंच पाया लेकिन ढांड में कुरुक्षेत्र रोड़ बाईपास पर सड़क को ठंडक पहुंचाता हुआ दूसरे छोर तक बहता रहा और अधिकारी बेपरवाह नजर आए।
युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि नहर विभाग ने बिना किसी तैयारी के रजवाहे में पानी छोड़ा गया। कन्या महाविद्यालय ढांड-डडवाना के पास पहले से ही रजवाहे का एक हिस्सा टूटा हुआ था। उसमें पानी आते ही सडक़ किनारे बहना शुरू हो गया और देखते ही देखते सड़क के ऊपर से पानी दूसरी ओर बहने लगा। आर्य ने कहा कि खेत में धान पानी के इंतजार में सूख रही है, और यहां नहरी पानी खेतों की बजाय सड़कों पर बह रहा है जोकि नहर विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है। आर्य ने आरोप लगाया है कि हर वर्ष रजवाहों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह कागजों में बहा दिया जाता है। अगर अधिकारी धरातल पर सही ढंग से काम करें तो रजवाहों का पानी इस तरह से व्यर्थ ना बहता। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर नहर विभाग के जेई गुरचरण ने बताया कि सोमवार को पबनावा डिस्टीब्यूट्री में पहली बार सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था। किसानों ने बारिश के भय से मोरी बंद कर दी थी। इससे रजवाहा ओवरफ्लो होकर टूट गया। इसको पाटने के लिए मजदूरों को लगाया है। जिसे जल्द ठीक करके सड़क पर बहते पानी को रोक दिया जाएगा।