कोर्ट सामने बरामदे में खड़े युवक पर दिनदहाड़े कातिलाना हमला करने के मामले में शुक्रवार को एससी/एसटी एक्ट स्पेशल कोर्ट की एडिशनल सेशन जज पूनम सुनेजा की अदालत द्वारा महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सभी तीनों आरोपियों को उम्रकैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सुरत में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि 20 मई 2019 की दोपहर एएसजे कैथल हुक्म सिंह की न्यायालय में कलायत निवासी प्रदीप गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित था। कोर्ट परिसर के सामने बैठे उसके साथी हुक्म चंद उर्फ डिंपल निवासी कलायत पर अचानक तीन युवकों ने चाकू व बर्फ तोड़ने वाले सुए से कातिलाना हमला करते हुए कई वार करके डिंपल को घायल कर दिया। घायल का शोर सुनकर एएसजे हुक्म सिंह की अदालत अंदर किसी अन्य मामले में गवाही देने के लिए आई हुई तत्कालीन थाना प्रबंधक महिला सबइंस्पेक्टर रेखा रानी द्वारा मुस्तैदी दिखाते हुए कोर्ट में गवाही की कार्रवाई छोड़कर न्यायालय सामने के परिसर में आई, जहां पर घायल युवक को देखकर बहादुरी का परिचय देकर अन्य कर्मचारियों की मदद से तीनों आरोपियों को मौके पर काबू कर लिया। जिनकी पहचान प्रदीप, सागर दत्त व सोमबीर सभी निवासी नरवाना जिला जींद के रूप में हुई। तीनों आरोपी न्यायालय में गवाही दे रहे प्रदीप कलायत के विरोधी पक्ष के बताए गए थे। एसआई रेखा की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे थाना प्रबंधक सिविल लाईन इंस्पेक्टर प्रह्लाद राय द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करके वारदात में उपयोग किए सूए व पत्तीनुमा चाकू कब्जे में लेकर जांच के दौरान मामले अभियोग में एससी/एसटी एक्ट अधिनियम दर्ज होने के बाद आगामी जांच डीएसपी मुख्यालय कुलवंत सिंह द्वारा की गई। पुलिस द्वारा जांच को संजीदगी एवं गभीरता पूर्वक करते हुए ठोस साक्ष्य जुटाए गए, मामले का चालान तैयार करके 22 जुलाई 2019 को अभियोग न्यायालय के सुपुर्द कर दिया गया। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा 18 मई तक अभियोग का फैसला सुनाने के लिए समय पाबंद किया गया था। इसके बाद पुलिस द्वारा समय-समय पर निरंतर रूप से गवाहियां देकर मामले की मुस्तैदी पूर्वक पैरवी की गई। इस दौरान लोक अभियोजन/सरकारी वकील जयभगवान गोयल द्वारा दी गई दलीलों को मद्देनजर रखते हुए उक्त मामले में 7 मई को एससी/एसटी एक्ट स्पेशल कोर्ट की एडिशनल सेशन महिला जज पूनम सुनेजा की अदालत द्वारा तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307,34 व एससी/एसटी एक्ट की धारा 3, (2), (5) अंतर्गत उम्रकैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। तीनों दोषी करीब-करीब 21 वर्ष आयु के बताए गये है। जुर्माना अदा न करने की सुरत में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।