कैथल। बुधवार (31 मई) को तंबाकू निषेध दिवस है। मुंह के कैंसर के लिए तंबाकू का उपयोग मुख्य कारण माना जाता है। यह आंकड़ा 75 प्रतिशत से ज्यादा है। इसे देखते हुए कैंसर से बचना है तो तंबाकू को न कहना सीखें और जिंदगी को कहें हां।
उधर, आंकड़ों की बात करें तो जिले में तंबाकू के संदर्भ में साल भर में 904 लोगों के चालान काटकर करीब 95 हजार रुपये वसूले गए हैं।
गौरतलब है कि तंबाकू (बीडी, सिगरेट, खैनी, गुटखा आदि) का सेवन शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के जोखिम भी बढ़ाता है। इसमें मौजूद केमिकल दिल की धड़कन व ब्लड प्रेशर बढ़ा देते हैं। फेफड़े, मुंह व गले का 90 फीसदी कैंसर तंबाकू उत्पादों के सेवन से ही होता है। इसके अलावा तंबाकू सेवन से दिल की बीमारी, लकवा, डायबिटिज, गठिया, फेफड़ा रोग आदि का जोखिम भी बढ़ जाता है।
खास बात यह है कि यदि तंबाकू सेवन छोड़ने की ठान लें तो शरीर में इसके लाभ दिखाई देने लगते है। इस संदर्भ में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग की तरफ से तंबाकू को लेकर जागरूक किया जाएगा। इस दिन सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों व तंबाकू बेचने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है। इस समय महज तीन विभाग ही तंबाकू के संदर्भ में जागरूक कर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने किए 217 चालान
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के तहत जिले में पिछले एक साल में कुल 904 लोगों को चालान काटे गए हैं। इसके तहत कुल 95 हजार 275 रुपये की राशि भी वसूली गई है। इसमें से कुल 217 चालान स्वास्थ्य विभाग ने किए हैं जबकि अन्य चालान पुलिस व रोडवेज की तरफ से किए गए हैं।
यह होता है नुकसान
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. संदीप जैन ने बताया कि तंबाकू का सेवन करने के कारण कैंसर की बीमारी भी लगती है। 20 से ज्यादा प्रकार के कैंसर का करण तंबाकू का सेवन है। बच्चे पैदा करने की क्षमता कम होती है। आंखों में मोतिया बिंद की बीमारी बढ़ती है। हार्ट अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है। रक्तवाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल अधिक जम जाता है।