संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। कवारतन गांव के वीर सपूत सैनिक संजय सिंह को बुधवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग शामिल हुए। नम आंखों और गगनभेदी नारों के बीच शहीद के बड़े बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान “शहीद संजय सिंह अमर रहें” के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रशासन की ओर से एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह और एसडीएम कैथल अजय सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर हलका विधायक देवेंद्र हंस भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि संजय सिंह जैसे वीर सपूतों के बलिदान से ही सीमाएं सुरक्षित हैं और सरकार हर परिस्थिति में उनके परिवार के साथ खड़ी है।
लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत ः सैनिक संजय सिंह लेह-लद्दाख में तैनात थे, जहां ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया। उनके चाचा के बेटे जागर सिंह ने बताया कि अत्यधिक ठंड और विषम परिस्थितियों के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और वह वीरगति को प्राप्त हुए। संजय सिंह 2004 में 10 सिख रेजिमेंट में भर्ती हुए थे और तब से देश सेवा में समर्पित थे।
सैन्य परंपराओं के तहत अंतिम सलामी ः अंतिम यात्रा में सेना के अधिकारियों और जवानों ने शहीद को सैन्य परंपराओं के तहत सलामी दी और मातमी धुन बजाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी यूनिट के कई अधिकारी भी शामिल हुए।
शहीद संजय सिंह अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और बुजुर्ग मां को छोड़ गए हैं। हाल ही में उनके पिता का देहांत हुआ था, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद वे फिर से ड्यूटी पर लौट गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि संजय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देखते थे, जिसे उन्होंने साकार भी किया।