संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली के नजदीक आते ही सोने-चांदी के भाव भी तेज हो गए हैं। चांदी अब तक के अपने रिकॉर्ड एक लाख 30 हजार रुपये रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। यह पहली बार इतनी महंगी हुई है।
चमक बिखेर रही चांदी के साथ 22 कैरेट सोना 78 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। इन सबके बीच सोने व चांदी की खरीदारी लगातार तेज हो रही है। लखटकिया चांदी बनने के बावजूद बाजार में वह चमक बिखेर रही है। सोना भी भाव को देखते हुए दमक रहा है।
नवरात्र के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो जाते हैं। रविवार को करवा चौथ का पर्व था। अब अगले सप्ताह धनतेरस और दिवाली भी है। इन दिनों में लोग सोने व चांदी की खरीदारी करते हैं। इसमें भी सबसे अधिक चांदी की खरीदारी होती है।
सुभाष बाजार स्थित सिल्वर प्वाइंंट के संचालक राजीव सोनी ने बताया कि सोने-चांदी के भाव बढ़ने के साथ उनकी मांग पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। ग्राहक अपनी स्थिति अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। भाव ज्यादा होने से वे सोने की कम मात्रा कराकर आभूषण बनवा रहे हैं। हर परिवार धनतेरस पर एक चांदी के सिक्के की खरीदारी जरूर करता है। शादी व अन्य कार्यक्रमों के लिए बुकिंग करा रहे हैं। सोने-चांदी के भाव बढ़ने के साथ खरीदारी भी बढ़ रही है।
सर्राफा बाजार स्थित सर्राफ बाल किशन ने बताया कि सोने और चांदी के रेट विश्व की स्थिति और परिस्थितियों के अनुसार घटते व बढ़ते हैं। अब सोने और चांदी में तेजी है। रेट बढ़ने से कभी बाजार कम नहीं होता, बल्कि त्योहार के सीजन में बाजार बढ़ता है। उनके पास धनतेरस और दिवाली पर चांदी के सिक्कों और मूर्तियों के ऑर्डर हैं। वे इनको पूरा कराने के लिए लगातार काम करा रहे हैं। इसके साथ कुछ लोग सोने के गहने भी खरीदते हैं। उनके ऑर्डर पर तैयार किए जाते हैं।
सोने व चांदी के रेट बढ़ने पर लोगों ने इसमें बीच का रास्ता निकाल लिया है। भगत सिंह कॉलोनी निवासी आरती और श्रुति ने बताया कि इस बार 50 हजार रुपये की ज्वेलरी बनवाने का विचार किया है। वे रेट बढ़ने पर सोने व चांदी की मात्रा कम कराने पर विचार कर रहे हैं।
सोने व चांदी के दाम
में सर्वाधिक उछाल
गांव कसाना निवासी शंकुतला ने बताया कि वर्ष 2000 में सोने का भाव 4400-4500 रुपये प्रति 10 ग्राम था। जबकि चांदी का भाव 7900 रुपये प्रति दस ग्राम था। अब दोनों के रेट बहुत बढ़ गए हैं।