कैथल। गांव बदसूई के एक युवक से विदेश भेजकर वहां पक्की नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर तीन लोगों ने साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए। चीका थाने में पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में दो भाई और उनका पिता शामिल है। पीड़ित का आरोप है कि लेबनान में होटल में नौकरी लगवाई और बाद में उसे पुलिस पकड़ कर ले गई। उसे वहां 40 दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चीका के गांव बदसूई निवासी सुखविंद्र ने बताया कि उसने 12 मई को एसपी कार्यालय में ठगी की शिकायत दी थी। उसने बताया कि आरोपी अकालगढ़ डेरा गांव बदसूई निवासी मनप्रीत, जगजीत और मान कौर ने लेबनान भेजने के नाम पर उससे साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए। आरोपी जगजीत ने पहले उसे विदेश भेजकर पैसा कमाने का लालच दिया। उसने कहा कि उसका भाई मनप्रीत विदेश में है और वह आसानी से उसकी नौकरी लगवा देगा। वहां जाने के लिए चार लाख रुपये खर्च होगा।
सुखविंद्र ने बताया कि अगस्त 2016 में वह आरोपियों की बातों में आ गए। फिर उन्होंने रुपयों का प्रबंध किया। इसके बाद नवंबर 2016 में सारे पैसे आरोपियों को दे दिए। लेबनान का वीजा लगवाने के बाद दिसंबर 2016 को वह लेबनान पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद एक सप्ताह तक उसे मनप्रीत ने कहीं बाहर नहीं जाने दिया। आरोपी ने उन्हें अपने घर में ही छिपाकर रखा।
सुखविंद्र ने बताया कि फिर आरोपी मनप्रीत ने उन्हें एक होटल में नौकरी पर लगवाया। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। वह 40 दिन तक जेल में रहा। इस बीच उसके परिवार सदस्यों से बात करवाई गई। तब फरवरी 2017 को उसे भारत वापस भेज दिया गया। शिकायतकर्ता सुखविंद्र के मुताबिक, आरोपी मनप्रीत ने कहा कि उसका पासपोर्ट और पैसे उसके पिता सेवा सिंह से ले लेना, लेकिन कुछ समय बाद उसका पिता भी विदेश चला गया।
नवंबर 2021 को सेवा सिंह वापस भारत आया तो वह उसके पास गया और पैसे मांगने लगा। आरोपी मनप्रीत ने उसे आश्वासन दिया कि इस बार मात्र डेढ़ लाख रुपये में विदेश भेज कर नौकरी लगवा देगा। उसकी बातों में आकर दोबारा से डेढ़ लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसके बाद न तो उसे विदेश भेजा और न ही उसके पैसे वापस दिए। चीका के एसएचओ लहणा ने बताया कि आरोपी अकालगढ़ डेरा गांव बदसूई निवासी मनप्रीत, जगजीत और मान कौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।