कैथल। हर साल होने वाले जिला अस्पताल के निरीक्षण के लिए शुक्रवार को कायाकल्प टीम कैथल पहुंचीं। टीम सदस्यों ने जिला अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। वार्डों में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। कई वार्डों में खामियां मिलने पर टीम सदस्यों ने नाराजगी जताई। ऑपरेशन थियेटर में एक व्यक्ति अपने मरीज के पास ग्लूकोज की बोतल हाथ में उठाए मिला तो निक्कू वार्ड में कई अनियमितताएं मिलने पर टीम सदस्यों ने इस पर नाराजगी जताई।
शुक्रवार सुबह कायाकल्प टीम में शामिल अंबाला के नागरिक अस्पताल में डॉक्टर हितार्थ, गीतांजलि शर्मा व नर्सिंग ऑफिसर मीनाक्षी जिला अस्पताल पहुंचीं। सबसे पहले टीम ने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने वार्ड में मरीजों को मिल रही सुविधाओं को देखा। टीम ने यहां किसी मरीज से बात नहीं की। यहां एक व्यक्ति राजबीर ने स्टॉफ सदस्यों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया लेकिन टीम ने उसकी बात नहीं सुनीं। इसके बाद टीम ने एक्सरे रूम में प्रतिदिन होने वाले एक्सरे पर जानकारी ली। बाद में लैब का निरीक्षण किया। यहां बायोकैमिस्ट्री मशीन अभी खराब मिली। टीम ने मैथोलॉजी के सैंपल को लेकर बात की। टीम इसके बाद फार्मेसी में पहुंची। यहां पर दवाइयों की उपलब्ता और इसकी एक्सपायरी डेट को लेकर जानकारी प्राप्त की।
टीम के सदस्यों ने जच्चा-बच्चा वार्ड में अल्ट्रासाउंड केंद्र का दौरा किया। यहां पर अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों की जानकारी के लिए कोई भी सूचना पट्ट नहीं लगाया गया था। इस पर भी टीम ने एतराज जताया। यहां पर टीम ने प्रतिदिन होने वाले अल्ट्रासाउंड की जानकारी ली। इसके बाद टीम बच्चों के टीकाकरण केंद्र में पहुंची यहां पर टीम के सदस्यों ने रजिस्टर की जांच की। टीम के सदस्यों ने दंत चिकित्सक की ओपीडी का भी दौरा किया। यहां पर कुछ उपकरण नहीं थे। यहां से टीम सीधा निक्कू वार्ड में पहुुंची। यहां पर कर्मचारियों की तरफ से बचाव नियमों का पालन न होने पर टीम की सदस्य ने नाराजगी जताई। टीम की सदस्य गीतांजलि शर्मा ने कहा कि बच्चों में इंफेक्शन तेजी से फैलता है, लेकिन यहां पर बचाव नहीं किया गया। यहां बीमारियों को बुलावा दिया जा रहा है। इस पर स्टाफ सदस्य अपनी सफाई देते हुए दिखाई। इस दौरान डॉक्टर गौरव पूनिया ने कहा कि इसके बाहर ही कुछ मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस गेट को बंद रखा जाता है, अचानक आप यहां से आ गए। निक्कू वार्ड का गेट दूसरी तरफ है।
यहां से टीम के सदस्य सीधा ऑपरेशन थियेटर पहुंचे। यहां पर बनाए गए वार्ड में एक मरीज का परिजन उसकी ग्लूकोज की बोतल हाथ में उठाए खड़ा था। यहां पर कोई स्टैंड नहीं था। यहां पर टीम इसे अनदेखा कर आगे चली गई। मरीज के परिजन प्रदीप कुमार ने बताया कि यहां पर टीम के आने की सूचना के बावजूद ठीक व्यवस्था नहीं की गई। अंत में टीम के सदस्य मित्रता क्लीनिक पर पहुंची। यहां पर मरीजों को परामर्श देने के लिए उन्हें कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। इसके साथ ही कबाड़ हुआ सामान रखा था। इस पर टीम के सदस्यों ने नाराजगी जताई।
टीम ने दौरे के अलावा कार्यालय में इन बिंदुओं पर की जांच-
ई-उपचार की रिपोर्ट
पीएनडीटी सर्टिफिकेट
माइक्रो बॉलेजिस्ट का रिकार्ड
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट
कायाकल्प टीम के सदस्य डॉक्टर हितार्थ व डॉक्टर गीतांजलि शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशों के तहत शुक्रवार को शहर के सामान्य अस्पताल में निरीक्षण किया है। साफ-सफाई को लेकर काफी अच्छी व्यवस्था की गई है। कुछ चीजें हैं, जिस पर अभी कार्य किया जाना बाकी है। इसके अलावा रिकॉर्ड की भी जांच की गई है।
24-कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में दौरा करते हुए कायाकल्प की टीम।- फोटो : Kaithal
25-कैथल। दौरा करते हुए शौचालय का फोटो मोबाइल में कैद करते हुए कायाकल्प की टीम डॉ. गीतांजलि।- फोटो : Kaithal