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Kaithal News: कैथल के क्षेत्रीय अधिकारी बदले, प्रवीण कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभार

Sun, 28 Dec 2025 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला चीका। खुशहाल माजरा गांव में राइस मिलों से जुड़े प्रदूषण, दूषित जल और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल अब सिर्फ गांव या जिला स्तर तक सीमित नहीं रहे। इस पूरे प्रकरण को जहां मानव अधिकार आयोग ने मानव स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा मानते हुए संज्ञान लिया है, वहीं इस मुद्दे को गुहला विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र हंस ने भी विधानसभा में उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। इसी पृष्ठभूमि में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने विभागीय स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।

शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार कैथल सहित विभिन्न जिलों के क्षेत्रीय अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव किया गया है। जारी आदेश के तहत कैथल क्षेत्र के रीजनल ऑफिसर राजेंद्र शर्मा को उनके पद से मुक्त करते हुए प्रवीण कुमार को कैथल का नया अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश 26 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
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मानव अधिकार आयोग में 19 मार्च 2026 को अगली सुनवाई


उल्लेखनीय है कि खुशहाल माजरा गांव में राइस मिलों द्वारा कथित रूप से जल और वायु प्रदूषण फैलाने, अवैध रिचार्ज बोर के जरिए गंदा पानी जमीन में डालने और श्रमिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर मामला मानव अधिकार आयोग के समक्ष विचाराधीन है। आयोग ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब कर जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।


जांच के बाद हुई कार्रवाई

मानव अधिकार आयोग के आदेशों के अनुपालन में प्रदूषण विभाग द्वारा मौके पर जांच की गई, जिसके बाद कुछ राइस मिलों को सील किया गया, जबकि एक अन्य राइस मिल के खिलाफ सीलिंग की प्रक्रिया उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद प्रस्तावित बताई गई है।
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विधानसभा से लेकर आयोग तक उठा मुद्दा


इस पूरे मामले को लेकर विधायक देवेंद्र हंस ने भी हरियाणा विधानसभा में आवाज उठाते हुए कहा था कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और भूजल संरक्षण से जुड़ा यह विषय बेहद गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। विधायक द्वारा विधानसभा में सवाल उठाए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज होने की बात भी सामने आई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह फेरबदल यानी आधिकारिक कार्यहित में किया गया है और नए अधिकारी को तुरंत चार्ज संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
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