संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन ने समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निपटारे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में प्राप्त कुल शिकायतों में से 99 प्रतिशत का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।
इस उपलब्धि पर समीक्षा बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कैथल प्रशासनिक टीम की सराहना की। उन्होंने अन्य जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कैथल प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली और प्रक्रिया को अपनाएं, ताकि प्रदेश की जनता को समयबद्ध और प्रभावी न्याय मिल सके।
जिला उपायुक्त अपराजिता ने बताया कि जिले में आयोजित समाधान शिविरों के दौरान अब तक कुल 5325 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 4867 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। वर्तमान में मात्र 21 शिकायतें लंबित हैं, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही की जा रही है। शेष मामलों में कुछ शिकायतें नियमानुसार रिजेक्ट की गई हैं, कुछ री-ओपन की गई हैं, जबकि कुछ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।
डीसी अपराजिता ने इस उपलब्धि के लिए सभी विभागाध्यक्षों को बधाई देते हुए कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य एक ही छत के नीचे आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान करना है।
समाधान शिविर के दौरान जिला उपायुक्त अपराजिता ने आमजन की विभिन्न शिकायतें भी सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। शिकायतों में मुख्य रूप से गुहना से सिंद गांव को जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का मुद्दा सामने आया। इस पर डीसी ने वन विभाग को 15 दिन के भीतर अनुमति लेकर पेड़ कटान की प्रक्रिया पूरी करने तथा लोक निर्माण विभाग को दो माह में सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। खेत में ट्यूबवेल कनेक्शन शिफ्ट करने से संबंधित शिकायत पर डीसी ने शिकायतकर्ता को विभागीय प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग से संबंधित एक शिकायत में दिव्यांग पेंशन की मांग रखी गई, जिस पर डीसी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रार्थी की पेंशन शीघ्र स्वीकृत करने के निर्देश दिए। सीवन निवासी बुजुर्ग महिला की कब्जे से संबंधित शिकायत पर डीसी ने पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।