सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए चलाई गई कल्याणकारी ऋण योजनाओं में जिले के बैंकर्स की कोई रुचि नहीं हैं। यदि स्थिति है कि जिले में 460 ऐसे जरूरतमंद केसों में से बैंकों ने महज 18 लोगों को अभी तक लोन दिया है। गरीब लोगों को रोजगार देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं में रुचि ना लेने पर डीसी संजय जून ने बैंक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और 15 दिनों में सुधार के आदेश जारी किए हैं।
18 बेरोजगारों को अभी तक लोन
जानकारी के अनुसार सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत जिला प्रशासन सहित बैंकों की न्यूनतम ऋण देने के निर्देशों के अनुसार करीब 460 बेरोजगारों को बिना किसी गारंटी के ऋण दिया जाना था। जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्टैंड अप इंडिया के तहत हर बैंक को कम से कम 2 लोगों को ऋण दिया जाना था। लेकिन जिले की 156 शाखाओं में केवल 18 लोन ही स्वीकृत हुए। जिसमें से अभी तक 10 लोगों को ही लोन दिया जा सका है।
यही स्थिति नेशनल अर्बन लिवलीहुड मिशन की है। जिसके तहत एडीसी कार्यालय द्वारा 156 केस स्वीकृत करके बैंकों में भेजे गए थे। बैंकर्स ने विभिन्न तरह की अड़चन लगाते हुए अधिकतर केस रिजेक्ट कर दिए और महज 12 केस अभी तक स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8 को ही ऋण दिया गया है।
यही स्थिति आरसेटी योजना की है। जिसके तहत प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ऋण दिया जाना था। लेकिन इस योजना के तहत पूरे जिले में एक भी बेरोजगार युवा को ऋण नहीं दिया गया है।
प्राइवेट बैंक नहीं लेते बिल्कुल भी रुचि
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि जो केस किए गए हैं। वह भी केवल नेशनलाइज बैंकों के हैं। प्राइवेट बैंकों में एक भी ऐसा केस नहीं है कि इन योजनाओं के तहत लोन दिया गया हो।
अजीब कारण बताते हैं केस रिजैक्ट करने के
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन के पास ऐसी शिकायतें पहुंची हैं, जिसमें केस रिजेक्ट करने के बड़े अजीब कारण बताए जा रहे हैं। मसलन सूअर पालन के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त लगाकर केस रिजेक्ट कर दिया गया। एक बेरोजगार को महज इसलिए ऋण नहीं दिया गया कि पड़ोसियों का कहना है कि इसका लेन-देन ठीक नहीं है।
डीसी ने लगाई कड़ी फटकार
बुधवार को डीसी ने सभी बैंकर्स की बैठक ली और इतनी कम संख्या में लोन देने पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों में सभी केसों पर फैसला लेकर सूचित करें। जो केस रिजेक्ट किए जा रहे हैं, उनके बारे में स्थिति स्पष्ट करें। जब तक स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, तब तक 2 माह में होने वाली बैंकर्स की बैठक 15 दिनों में होगी। पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जो बैंक अधिकारी लापरवाही का दोषी पाया गया, उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
बुढ़ापा पेंशन पर भी लगाई फटकार
डीसी ने सभी बैंकर्स को बुढ़ापा पेंशन पर भी फटकार लगाई और कहा कि कोई भी बुजुर्ग पेंशन के लिए दूसरे गांव में नहीं जाएगा। संबंधित गांव में जाकर पेेंशन दी जाए।
जिले के बैंकर्स को डीसी ने कल्याणकारी योजनाओं में नियमानुसार ऋण देने के निर्देश दिए हैं। ताकि बेरोजगार युवकों को इनका लाभ मिल सके।
कैप्टन शक्ति सिंह, एडीसी, कैथल।
बैंक अधिकारियों को अपने टारगेट पूरे करने के लिए कहा गया है। 15 दिन बाद फिर से बैठक बुलाई गई है। जिसमें लोन देने की प्रक्रिया में प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
संजय जून, डीसी, कैथल।
पात्र लोगों को नियमानुसार लोन दिए जाने चाहिए। जिस स्तर पर भी कमी है, उसे दूर किया जाएगा। सभी बैंकर्स का आह्वान किया गया है कि वे नियमानुसार पात्र लोगों को लोन दें।
टीके राणा, लीड बैंक मैनेजर, कैथल।