संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खुशी सैनी ने मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर कैथल जिले का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाया है। मात्र 15 वर्ष की उम्र में साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली खुशी ने जूडो और कुराश दोनों खेलों में एशियन और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
चंदाना गेट क्षेत्र की खुशी आरकेएसडी स्कूल में 11वीं की छात्रा हैं। पिता, सतीश कुमार चाय के स्टॉल पर कार्यरत हैं। खुशी के दो भाई-बहन हैं। खुशी पिछले पांच वर्षों से खेलों में लगातार मेहनत कर रही हैं। उन्होंने 12 साल की उम्र में जूडो (कुराश) खेलना शुरू किया और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।
खुशी रोजाना सुबह तीन घंटे और शाम को तीन घंटे अभ्यास करती हैं। उनकी ट्रेनिंग कैथल के इंडोर स्टेडियम में कोच संदीप कुमार और जोगिंदर के मार्गदर्शन में होती है। खुशी बताती हैं कि पांच साल की निरंतर मेहनत के बाद उन्हें यह सफलता मिली है।
माता-पिता व कोच को श्रेय : खुशी सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को देती हैं। उनके अनुसार, परिवार ने हर कदम पर हौसला बढ़ाया और कोच ने बेहतर प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ने में मदद की। कहा- अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतना है।
उपलब्धियां
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बहरीन में आयोजित एशियन यूथ गेम्स (कुराश) में कांस्य पदक
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साउथ कोरिया में आयोजित एशियन कुराश चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
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नेशनल कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक