संवाद न्यूज एजेंसी
पाई/कैथल। निर्जला एकादशी पर्व पर शुक्रवार को सिसला गांव में बने बाबा खाटू श्याम मंदिर धाम में भव्य मेला लगा। रास्ते में हारे के सहारे श्याम बाबा के जयकारे गूंजते रहे। इस मेले में दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु बाबा के दरबार में माथा टेकने के लिए पहुंचे। मुख्य मार्ग से लेकर मंदिर तक करीब दो किलोमीटर तक का लंबा जाम रहा।
सिसला गांव में बाबा खाटू श्याम का भव्य मंदिर स्थापित है। यहां पर हर एकादशी पर यहां पर विशेष पूजा-अर्चना होती है। मंदिर समिति ट्रस्ट के प्रधान सुभाष ने बताया कि बाबा श्री खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है। सिसला में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के तहत 48 कोस के तहत आने वाले महाभारत कालीन सिसला धाम वीर बर्बरीक श्याम तीर्थ मंदिर में निर्जला एकादशी पर बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
शुक्रवार को अल सुबह चार बजे के बाद ही हजारों की संख्या में दूर दराज से श्रद्धालु सिसला धाम पहुंचने शुरू हो गए थे। श्रद्धालुओं ने सिसला धाम मंदिर में वीर बर्बरीक बाबा श्याम की पूजा-अर्चना बड़ी श्रद्धा और उत्साह से की। प्रधान सुभाष ने बताया कि श्रद्धालु बड़ी दूर दूर से पैदल हाथों में बाबा श्याम के निशान, गुलाब व मोर पंख लेकर जयकारे लगाते हुए सिसला धाम में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने घंटों लाइनों में लगकर दर्शन किए। वीर बर्बरीक श्याम ट्रस्ट सिसला की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का विशेष प्रबंध किया था।
वीर बर्बरीक मंदिर सिसला के पुजारी पंडित राजीव शर्मा व श्रद्धालु बलकेश, प्रदीप कैंदल, सुरेंद्र ने कहा कि सिसला सिस्मोर गांव के निकट सिसला धाम को श्याम बाबा से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है यह स्थान महाभारतकालीन है। यहीं पर महाभारत के युद्ध के दौरान वीर बर्बरीक ने अपने बाल रूप में भगवान कृष्ण को अपने शीश का दान दिया था। वीर बर्बरीक को ही बाबा श्याम कहा जाता है।