पूंडरी। हलका के लोगों ने पूंडरी में पहली बार कमल खिलाकर भाजपा पार्टी का विधायक बना कर पूंडरी से निर्दलीय जीतने की परपंरा को खत्म कर इतिहास रच दिया था। वहीं, कुछ महीनों में ही ऐसा क्या हुआ कि पूंडरी में भाजपा की वोट बढ़ने की बजाय घट गई। इस पर असमंजस है।
यह शहर में भाजपा का विरोध रहा या भाजपा विधायक का यह सोचने का विषय रहेगा। कस्बे के लोगों की मानें तो यह भाजपा का नहीं बल्कि विधायक का विरोध है। जिन वार्डों खासकर रोड बाहुल्य वार्डों में भाजपा का कमल खिला था।
अब इन रोड बाहुल्य वार्डों लोगों ने निर्दलीय प्रत्याशी बबली गोस्वामी की बस को भरकर नगरपालिका में भेजने का काम किया। लोगों के अनुसार विधायक सतपाल जांबा का बड़बोलापन व पार्षद पद पर चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारना ही भाजपा की हार का सबसे बड़ा कारण बताया।
ज्यादातर लोगों का कहना है कि पार्षद का चुनाव आपसी तालमेल व भाईचारे का चुनाव होता है, लेकिन विधायक की जिद्द के चलते पूंडरी में पार्षद सिंबल पर उतरे।
गौरतलब है कि चुनाव परिणामों के अनुसार, 16 वार्डों में से सिर्फ़ चार पार्षद ही जीते जबकि 11 से अधिक पार्षद निर्दलीय जीते। रोड समाज के लोगों ने बताया कि भाजपा से उनकी कोई नाराजगी नहीं है।
हैरानी तो इस बात कि है कि दूसरे नंबर पर भी निर्दलीय गुड्डी देवी रही। वार्ड नंबर एक में पार्षद पद पर विधायक के चहेते भाजपा पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण गोयल को निर्दलीय सतीश हजवाना ने हराया। इस वार्ड को जीतने के लिए विधायक ने पूरा जोर लगा दिया था।
पूंडरी में नगरपालिका के चुनाव में विधायक व संगठन की बीच कभी भी तालमेल दिखाई नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार संगठन पूंडरी में पार्षद पद सिंबल पर लड़ने से परहेज कर रहा था लेकिन विधायक ने सभी पार्षदों को अपने दम पर जिताने के विश्वास पर पार्टी के सिंबल पर लड़वाने को मनवाया। पूंडरी में अधिकतर पार्षद भाजपा विचारधारा के ही जीते हैं। संवाद