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शब्दों की गरिमा बचाना आवश्यक : डॉ . चंद्र त्रिखा

Mon, 27 Nov 2023 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के सेमिनार कक्ष में साहित्य सभा की ओर से कवि-सम्मेलन, पुस्तक-लोकार्पण एवं सम्मान-समारोह आयोजित किया। बतौर मुख्यातिथि हरियाणा साहित्य अकादमी के सूर सम्मान से सम्मानित साहित्यकार डॉ. कंवल नयन कपूर ने हिस्सा लिया। अध्यक्षता कर रहहीं हरियाणा साहित्य संस्कृति अकादमी पंचकूला के उर्दू प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा ने कहा कि शब्दों की गरिमा को बचाया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि साहित्यकारों का यह दायित्व बनता है कि वे शब्दों का प्रयोग बड़े सलीके, शालीनता और समझ के साथ करें, ताकि समाज को एक सही दिशा मिल सके। डॉ. कमल नयन कपूर, डॉ. मुक्ता एवं संजय गोयल ने भी साहित्यिक सरोकारों पर अपनी अपनी बात रखी। साहित्य सभा की ओर से सभी अतिथियों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
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सम्मान-समारोह में पवन शर्मा दिल्ली को धीरज त्रिखा स्मृति पत्रकारिता सम्मान से, केशव मेहता कुरुक्षेत्र को धीरज त्रिखा स्मृति डिजिटल पत्रकारिता सम्मान, ललित शर्मा कैथल को रोहित सरदाना स्मृति पत्रकारिता सम्मान, सुरेश जांगिड़ उदय कैथल को साहित्य सेवी सम्मान, किशोर शर्मा सारस्वत, पंचकूला को माता-पिता स्मृति साहित्य सम्मान से, चरणजीत चरण फरीदाबाद को देशराज शर्मा अब्र सीमाबी साहित्य सम्मान, डॉ. विजेंद्र कुमार पंचकूला को गुलदान साहित्य सेवी सम्मान से नवाजा गया।
इसी कड़ी में असीम राणा नरवाना को बाबू राम गुप्ता एडवोकेट स्मृति साहित्य सम्मान तथा अनिल शर्मा वत्स भिवानी को डॉ. ओम प्रकाश बंसल अनवर सीवनी स्मृति साहित्य सम्मान, राजवंती मान चंडीगढ़ को डॉ. चंद्र किरण बंसल स्मृति साहित्य सम्मान तथा डॉ. वनीता चोपड़ा करनाल को मीनू सिंघल स्मृति साहित्य सम्मान, रोजलीन करनाल को माता इकबाल कौर स्मृति साहित्य सम्मान व डॉ. करणदीप सिंह, गुहला-चीका को रामचंद्र झंडई स्मृति साहित्य सम्मान और मधु मधुमन पटियाला को सरोज झंडई स्मृति साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकूला की पूर्व निर्देशक डॉ. मुक्ता व कॉलेज प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रद्युम्न भल्ला ने किया।
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इन पुस्तकों को हुआ लोकार्पण
पुडॉ. मुक्ता गुरुग्राम की सात पुस्तकों, प्रो. अमृत लाल मदान कैथल की पुस्तक मनमंच के रंग भाग-2 (लघु नाटक- संग्रह), डॉ. हरीश झंडई कैथल की पुस्तक की अंधेरे से उजाले की ओर (काव्य-संग्रह), रिसाल जांगड़ा ब्राह्मणी वाला (कैथल) की पुस्तक दुनियादारी (हरियाणवी काव्य-लेखन), पंडित श्याम सुंदर गौड़ कैथल की पुस्तक काव्य-सुधा (काव्य-संग्रह), दिनेश शर्मा दिनेश फरल (कैथल) की पुस्तक साहित्य के आईने में कैथल जनपद (दस्तावेजी पुस्तक), डॉ. प्रद्युम्न भल्ला की पुस्तक ड्यूलिटिज इन द लाइफ (शॉर्ट स्टोरी) का, मधु गोयल मधुल की पुस्तक चलते जाना है (काव्य-संग्रह) का, सतपाल पराशर आनंद की पुस्तक फूल और कांटे (हरियाणवी काव्य-संग्रह) तथा राजेश भारती की पुस्तक उजाले की ओर (काव्य-संग्रह) का लोकार्पण अतिथियों ने किया।
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