संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अप्रैल खत्म होने में अभी नौ दिन बचे हैं, लेकिन सूरज की तपिश से दोपहर में घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। सोमवार को अधिकतम तापमान में 4.3 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री बढ़कर 26.2 हो गया। पिछले साल आज के दिन अधिकतम तापमान 36.1 और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
दूसरी ओर मौसम विभाग का भी कहना है कि आने वाले और शुष्क होंगे। फिलहाल बारिश की संभावना बेहद कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब शहर में गर्मी और बढ़ेगी। इस समय सूरज की तपन कहर बरपा रही है। अप्रैल के अंत तक तापमान और बढ़ेगा और मई-जून में चलने से हालत बिगड़ेंगे। ऐसे में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले दिनों तेज हवाओं और बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिली थी लेकिन शनिवार की अपेक्षा रविवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ा है।
मौसम विभाग ने 22, 23 व 24 अप्रैल को हीट वेव का अलर्ट जारी किया है।
जिसकी वजह से यह हफ्ता काफी गर्म बीतने वाला है।
उधर, लोगों का कहना था कि बीते दिनों हुई बारिश से मिली राहत अब खत्म हो गई है। सुबह से ही तेज धूप शुरू हो जाती है। धूप की तीखी तपिश से खासकर राहगीरों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि गर्मी में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप के कारण लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं। पंखे से भी राहत नहीं मिल पा रही है।
रविवार को जहां अधिक तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं सोमवार को यह बढ़कर 41 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो गया। इसी प्रकार न्यूनतम तापमान भी
बढ़ा है। मौसम विभाग ने इस हफ्ते हीट वेव के चलते अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया है। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक
तापमान चढ़ने से त्वचा की समस्याएं बढ़ीं
कैथल। गर्मी बढ़ने के साथ लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है। सांस, दमा, खांसी, नजला, बुखार व त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ने लगी हंै।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशीष मित्तल का कहना है कि धूप अधिक होने से लोगों की स्किन पर प्रभाव पड़ता है। तेज धूप में स्किन पर कई प्रकार की एलर्जी संबंधी समस्या के भी मरीज बढ़े हैं।
इसके साथ ही डॉक्टरों ने सलाह दी है कि धूल मिट्टी के मौसम को देखते हुए पूरा शरीर ढककर रखें। रोजाना अधिक पानी पीएं। तेज धूप में बाहर देर तक न घूमें। किसी प्रकार की परेशानी महसूस होती है तो डॉक्टरों की सलाह लें। संवाद